मनीष गुप्ता
कई हॉस्पिटलों की गोपनीय जांच शुरू
कानपुर। देर आये दुरूस्त आये. ये कहावत सीएमओ आफिस पर सटीक बैठ रही है। सीएमओ का चार्ज संभालने के बाद से एक्शन में चल रहे सीएमओ हरीदत्त नेमी के पास शहर के तीन दर्जन से ज्यादा अस्पतालों को शिकायत पहुंची है जिनकी गोपनीय जांच शुरू हो गयी है। सफेदपोशों का दबाव होने के बाद भी गोपनीय रूप से अस्पतालों को पंजीकरण रिन्यूवल में बड़े स्तर पर खेल किये जाने की आशंका पर नये नोडल अधिकारी ए के रस्तोगी ने सभी अस्पतालों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएमओ आफिस के अफसर, बाबूओं के गठजोड़ से पूरे शहर में करीब चार सौ अस्पताल पंजीकरण किये गये है जिसमें ज्यादातर पुराने शामिल है। लेकिन इनके मानकों को पूरा करने के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाये गये। 180 दिन में चार सौ अस्पतालों को विजिट कच कैसे कर ली गयी यह बात सीएमओ को भी खटक गयी जिसके बाद सभी अस्पतालों को पंजीकरण और रिन्यूवल से पहले साइट विजिट की रिपोर्ट खंगाली जा रही है। सूत्रों की माने तोबड़े पैमाने पर विजिट नहीं मिल रही जिसके बाद उन अस्पतालों की जांच होगी और कईयों के लाईसेंस रदद समेत रिन्यूवल नहीं हो सकेंगे। इस जानकारी के बाद सेटिंग गेटिंग करने वालों में खबली मची हुदै। यहीं कल्याणपुर के एक अस्पताल को लेकर चर्चा है उसके खिलाफ आईजीआरएस समेत कई शिकायतों और डयूटी डॉक्टर जिस महिला डॉक्टर को दिखाया गया वह मथुरा में थी लेकिन सफेदपोश लोगों के दबाव में फर्जी रिपोर्ट लगाकर विजिट कर ली गयी। या यूं कहे की विजिट डॉक्टर को गुमराह करके डयूटी डॉक्टर के स्थान पर दूसरे डॉक्टर को दिखाया गया। यही नहीं कई ऐसे अस्पतालों को राडार पर लिया गया है जिनकी पूर्व में शिकायत तो हुई लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। अब शिकायत मिलने पर बड़े स्तर पर प्राईवेट अस्पताल वालों को पापड़ बेलने पड़ेंगे।
क्या बोले
हरीदत्त नेमी- सीएमओ कानपुर नगर
नर्सिंग होम संचालन के मानक है उसे पूरा हर हाल में करना होगा। खास तौर पर डयूटी डॉक्टर को लेकर। सभी नर्सिंग होम के पंजीकरण की जांच की जा रही है। जिन अस्पतालों की शिकायत है उन पर कार्यवाही की जायेगी। आने वाले वक्त में अस्पतालों के पंजीकरण और रिन्यूवल में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुछ विभागीय कर्मचारियों को मिलीभगत की जांच भी करायी जायेगी।
एक्शन में सीएमओ, प्राईवेट अस्पतालो पर जल्द कसेगा शिकंजा