कानपुर। अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज मैटरनिटी हॉस्पिटल (UISEMH) के प्रसूति एवं स्त्री रोग (OBGYN) विभाग की ओर से ऑस्टियोपोरोसिस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए BMD (बोन मिनरल डेंसिटी) जांच शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में करीब 150 लोगों की जांच की गई। इनमें से 120 प्रतिभागियों के विस्तृत BMD आंकड़े उपलब्ध रहे।जांच के आंकड़ों में 38 लोगों की BMD सामान्य पाई गई, जबकि 75 में ऑस्टियोपीनिया और सात में ऑस्टियोपोरोसिस मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 62.5 प्रतिशत प्रतिभागियों में ऑस्टियोपीनिया पाया गया। 40 से 49 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों की संख्या सर्वाधिक 40 रही। पूरे समूह का औसत T-score करीब -1.19 रहा।कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम कारकों, बचाव, हड्डियों के स्वास्थ्य और समय पर जांच के महत्व पर जानकारी दी। ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉ. प्रग्नेश ने हड्डियों को स्वस्थ रखने के उपाय बताए। OBGYN विभाग की डॉ. प्रतिमा वर्मा और डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम और रोकथाम के बारे में जानकारी साझा की।विशेषज्ञों ने बताया कि ऑस्टियोपीनिया में हड्डियों की मजबूती सामान्य से कम हो जाती है और यह ऑस्टियोपोरोसिस से पहले की स्थिति हो सकती है। ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिससे मामूली चोट या गिरने पर भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।बढ़ती उम्र, रजोनिवृत्ति के बाद हार्मोनल बदलाव, परिवार में ऑस्टियोपोरोसिस या फ्रैक्चर का इतिहास, कम वजन, कैल्शियम एवं विटामिन-डी की कमी, शारीरिक निष्क्रियता, धूम्रपान, अधिक शराब का सेवन और लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, पर्याप्त कैल्शियम व प्रोटीन लेने, उचित विटामिन-डी स्तर बनाए रखने तथा नियमित शारीरिक गतिविधि और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम अपनाने की सलाह दी गई। बुजुर्गों में गिरने से बचाव पर भी विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम डॉ. सीमा द्विवेदी, विभागाध्यक्ष के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में आयोजित हुआ। इसके समन्वय में डॉ. फरहीन सिद्दीकी और डॉ. प्रीति सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. पाविका लाल, डॉ. दिव्या द्विवेदी, डॉ. सीमा निगम समेत विभाग के समस्त संकाय सदस्य, सिस्टर, जूनियर रेजिडेंट एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
62.5% में मिली हड्डियों की कमजोरी