कानपुर। नौबस्ता स्थित आत्माराम चाइल्ड केयर एंड क्रिटिकल हॉस्पिटल पर मरीज के इलाज में लापरवाही और जबरन डिस्चार्ज करने का आरोप लगाया गया है। शिवसेना कानपुर नगर के जिलाध्यक्ष एवं कानपुर विकास समिति के अध्यक्ष शिवकुमार विश्वकर्मा ने मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिवकुमार विश्वकर्मा के अनुसार 11 सितंबर 2026 को करीब 10:30 बजे उनकी बेटी प्रिया विश्वकर्मा के पेट में दर्द होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि वहां डॉ. विनय वाजपेई ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए तत्काल भर्ती कराने को कहा। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद इलाज, दवाइयों और जांच के नाम पर 22 सितंबर तक करीब 2.75 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन उनकी बेटी की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब अस्पताल की ओर से उनकी बेटी को जबरन डिस्चार्ज करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ. नीरज राजपूत से बात करने का आग्रह किया, जिस पर कथित तौर पर डॉ. विनय वाजपेई ने कहा कि अस्पताल उनका है और उनके निर्णय के अनुसार ही इलाज होगा। इसके बाद मरीज को हैलट ले जाने की बात कही गई।
शिवकुमार विश्वकर्मा ने पूरे मामले की जांच कर अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बेटी का इलाज घर पर चल रहा है।
इलाज में लापरवाही और जबरन डिस्चार्ज का आरोप