कानपुर। जुहारी देवी गर्ल्स पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग की ओर से बुधवार को हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आशु हिंदी लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें निबंध, कहानी और कविता लेखन की विभिन्न विधाओं में करीब 80 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।हिंदी विभाग की प्रभारी प्रो. अलका द्विवेदी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए निबंध, कहानी और कविता तीनों विधाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्राओं के सर्वांगीण विकास के साथ उनकी लेखन प्रतिभा को निखारना और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।प्रतियोगिता में निबंध के लिए ‘सोशल मीडिया के युग में हिंदी का भविष्य’ और ‘मातृभाषा और राष्ट्र निर्माण’, कहानी के लिए ‘मोबाइल ने छीन लिया बचपन’ और ‘परीक्षा से पहले वाली रात’, जबकि कविता के लिए ‘पुस्तकें बोलती हैं’ और ‘सपनों की उड़ान’ विषय रखे गए।प्राचार्या प्रो. रंजू कुशवाहा ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए हिंदी पखवाड़े के आयोजन पर हिंदी विभाग को बधाई दी। उन्होंने रचनात्मक प्रतियोगिताओं को छात्राओं की प्रतिभा निखारने का प्रभावी माध्यम बताया। प्रतियोगिता में प्रस्तुत रचनाएं निर्णायक मंडल डॉ. ज्योतिर्मयी त्रिपाठी, प्रो. सुनीता द्विवेदी, प्रो. अर्चना दीक्षित और डॉ. कीर्ति मिश्रा को प्रेषित की जाएंगी। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।कार्यक्रम में सह-संयोजिका आरती कुमारी के साथ डॉ. आकांक्षा गुप्ता, प्रतिमा सिंह, कु. रेनू, डॉ. रुचि कटियार, डॉ. कशिश और डॉ. पूनम देवी का सहयोग रहा। चित्रकला विभाग की सहायक आचार्य डॉ. कल्पना गौड़ ने मंच सज्जा में विशेष सहयोग किया। हिंदी विभाग की शोध छात्रा विजय लक्ष्मी तिवारी, श्रीमती रिकी यादव, अलका यादव और चंदन सिंह ने भी व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। प्रो. चांदनी सक्सेना समेत महाविद्यालय की अन्य वरिष्ठ शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। अंत में आरती कुमारी ने सभी के प्रति आभार जताया।
हिंदी पखवाड़े में छात्राओं ने दिखाई लेखन प्रतिभा