कानपुर। रेलबाजार थाना क्षेत्र में छावनी परिषद के दो पूर्व पार्षदों के बीच विवाद सामने आया है। मीरपुर कैंट निवासी मोहम्मद फरोग आलम ने पूर्व पार्षद नवाब पर चुनावी रंजिश में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर रेलबाजार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मोहम्मद फरोग आलम के मुताबिक, वह वर्ष 2015 में छावनी परिषद के वार्ड नंबर चार से पार्षद चुने गए थे। उनका आरोप है कि चुनाव में नवाब को हराने के बाद से ही वह उनसे व्यक्तिगत रंजिश रखते हैं। फरवरी 2021 में छावनी परिषद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी वह क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़े हुए हैं।फरोग का आरोप है कि नवाब और उनके परिवार के लोग सोशल मीडिया पर विकास कार्यों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। क्षेत्र में पहुंचने पर भी उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता है। उन्होंने करीब एक वर्ष पहले छावनी परिषद और रेलबाजार पुलिस को भी इसकी शिकायत दी थी।फरोग ने बताया कि 11 सितंबर को ठेकेदार के मुंशी का फोन आने पर वह फैय्याजगंज स्थित ऊंची मस्जिद के पास सीवर लाइन के काम का निरीक्षण करने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां नवाब ने उन्हें गाली देना शुरू कर दिया और मौके पर आने का कारण पूछा। इसके बाद जान से मरवाने की धमकी देते हुए झगड़ा करने लगे। घटना के संबंध में उन्होंने बुधवार रात 11:34 बजे रेलबाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं, नवाब ने आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि वह सीवर लाइन का काम करवा रहे थे। इसी दौरान फरोग जबरन मौके पर पहुंचे और कहासुनी करने लगे। नवाब ने कहा कि वह साक्ष्यों के साथ पुलिस के सामने अपना पक्ष रखकर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।थाना प्रभारी अमान सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मीरपुर कैंट में सीवर लाइन के काम पर भिड़े दो पूर्व पार्षद,