जांच आख्या में देरी पर प्रकीर्ण वाद दर्ज, 20 जुलाई को अगली
कानपुर। इलाज में कथित लापरवाही से हुई महिला की मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) प्रदीप कुमार शुक्ला की अदालत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय के आदेश के बावजूद समय पर जांच आख्या प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने सीएमओ के नाम व पदनाम से प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश देते हुए समन जारी किया है। साथ ही चकेरी थाना प्रभारी को समन तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
मामला हरजेंदर नगर निवासी हर्षित तिवारी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र से जुड़ा है। हर्षित ने आरोप लगाया था कि उनकी मां मंजू तिवारी की इलाज के दौरान चिकित्सीय लापरवाही के कारण मौत हो गई। इस संबंध में उन्होंने चार डॉक्टरों समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराने और विस्तृत जांच आख्या निर्धारित समय के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। हालांकि, आदेश जारी होने के तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सीएमओ की ओर से जांच रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद जांच आख्या प्रस्तुत न किया जाना आदेश की अवहेलना है। इसे गंभीर मानते हुए अदालत ने सीएमओ के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश पारित किया तथा समन जारी कर दिया।
अदालत ने चकेरी थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि समन की विधिवत तामील सुनिश्चित कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें। इस मामले में अब 20 जुलाई को अगली सुनवाई होगी, जिसमें सीएमओ की ओर से जवाब और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।