कानपुर। कानपुर सेंट्रल के पास जम्मू मेल पर कथित पथराव की सूचना से सोमवार दोपहर रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। हालांकि जीआरपी और आरपीएफ की त्वरित जांच में मामला महज गलतफहमी निकला। जांच के बाद पुलिस ने रेल संचालन में भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं में कार्रवाई की गई है। घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है, जब रेलवे कंट्रोल के माध्यम से जीआरपी को सूचना प्राप्त हुई कि गाड़ी संख्या 20433 जम्मू मेल के लोको पायलट ने रूमा क्षेत्र के पास किलोमीटर संख्या 1006/02-03 पर कुछ लोगों द्वारा ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने की आशंका जताई है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया और कुछ समय के लिए रेल संचालन को लेकर असहज स्थिति बन गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी कानपुर सेंट्रल प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी सिद्धनाथ पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। संयुक्त जांच के दौरान पता चला कि घटनास्थल के पास पीडब्ल्यूआई विभाग के कर्मचारी रेलवे ट्रैक के रखरखाव कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान ट्रेन के पहुंचने पर लोको पायलट ने लगातार हॉर्न बजाया, जिससे वहां मौजूद श्रमिक घबरा गए। हड़बड़ाहट में उनके हाथों में मौजूद गिट्टियां और छोटे पत्थर उछल गए, जिन्हें दूर से लोको पायलट ने पथराव समझ लिया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों की फोटो और वीडियो लोको पायलट को वीडियो कॉल के माध्यम से दिखाए, जिसके बाद पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद जीआरपी ने तुषार यादव, अभिषेक, अभिषेक सोनी और प्रेमचंद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में चारों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126, 135 और 170 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन पर किसी प्रकार का वास्तविक हमला या स्टोन पेल्टिंग नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि समय रहते मामले की सच्चाई सामने आने से किसी बड़ी अफवाह और दहशत की स्थिति को टाल दिया गया। अधिकारियों ने रेलवे ट्रैक के आसपास कार्य कर रहे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से भी सतर्कता बरतने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी गलतफहमियां पैदा न हों। इस कार्रवाई में जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, आरपीएफ प्रभारी सिद्धनाथ पाटीदार, उपनिरीक्षक धीरेन्द्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक अरविन्द गुप्ता, उपनिरीक्षक मुकुन्द लाल यादव, हेड कांस्टेबल रमेश सोनकर, राजकमल वर्मा, हरिपाल यादव तथा आरपीएफ के एएसआई मोहम्मद असलम खान, हरिशंकर त्रिपाठी और सीपी सिंह की अहम भूमिका रही।
जम्मू मेल पर पथराव की सूचना निकली गलतफहमी, Grp-Rpf की जांच में खुला मामला