विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदाताओं और सामाजिक संस्थाओं का सम्मान

कानपुर। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज स्थित रक्तकेन्द्र विभाग की ओर से नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं, रक्तदान शिविरों के आयोजकों तथा सामाजिक संस्थाओं एवं गैर सरकारी संगठनों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में चिकित्सक, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और रक्तदाता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव सेवा का सबसे बड़ा और श्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने कहा कि रक्तदान ऐसा दान है, जो सीधे किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का कार्य करता है। जब कोई व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के रक्तदान करता है तो वह किसी गंभीर मरीज और उसके परिवार के लिए आशा की किरण बन जाता है। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के रक्तकेन्द्र की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल कानपुर ही नहीं बल्कि आसपास के कई जनपदों के मरीजों के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि रक्तकेन्द्र द्वारा अब तक 48 हजार से अधिक यूनिट रक्त एवं रक्त अवयव उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिससे हजारों मरीजों को नया जीवन मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन में रक्तकेन्द्र प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में शामिल हो चुका है।
विशिष्ट अतिथि संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन टाडा ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सकीय सेवाओं से जुड़े अनुभवों के दौरान उन्होंने कई ऐसे अवसर देखे हैं, जब गंभीर हालत में भर्ती मरीजों के लिए रक्तदाताओं ने आगे बढ़कर जीवन बचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि रक्तदाता वास्तव में समाज के गुमनाम नायक हैं, जो बिना किसी पहचान या अपेक्षा के मानवता की सेवा करते हैं। ऐसे लोगों की वजह से कई परिवारों में खुशियां लौटती हैं।
उप-प्रधानाचार्य डॉ. रिचा गिरि ने कहा कि रक्तदान केवल चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। यह ऐसा कार्य है जो धर्म, जाति, वर्ग और भाषा के सभी भेदभावों से ऊपर उठकर मानवता को जोड़ता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति यदि समय-समय पर रक्तदान करें तो रक्त की कमी जैसी समस्या को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।
रक्तकेन्द्र की नोडल अधिकारी डॉ. लुबना खान ने जानकारी देते हुए बताया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का रक्तकेन्द्र कानपुर नगर सहित आसपास के 17 जनपदों को भी रक्त एवं रक्त अवयव उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है और स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सहयोग से ही जरूरतमंदों तक समय पर रक्त पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
समारोह के दौरान नियमित रक्तदाताओं, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले संगठनों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर रक्तदान आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल, प्रॉक्टर डॉ. यशवंत राव, डॉ. नम्रता निगम, डॉ. नीलिमा सचान, डॉ. मनीष यादव सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, अधिकारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में रक्तदाता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नम्रता निगम ने किया।

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