मानसून से पहले एक्शन में नगर आयुक्त, सीसामऊ नाले और सीएम ग्रिड सड़कों का किया औचक निरीक्षण

ग्वालटोली में नाले की ‘तलीझार’ सफाई न होने पर भड़के नगर आयुक्त, जोनल अभियंता को दी चेतावनी

कानपुर। आगामी वर्षा ऋतु (मानसून) को देखते हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने जोन-4 के अंतर्गत सीसामऊ नाले और सीएम ग्रिड सड़कों का औचक निरीक्षण कर सफाई एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कार्यों में लापरवाही मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश जारी किए।
नगर आयुक्त ने सबसे पहले मरावर्टगंज स्थित लाल इमली कॉलोनी के भीतर सीसामऊ नाले की सफाई का निरीक्षण किया, जहां पोकलेन मशीन से सफाई कार्य चलता मिला। बकरमंडी और ब्रह्मनगर नाले के निकास बिंदु पर भारी मात्रा में सूखी सिल्ट और झाड़ियां जमा होने पर उन्होंने निर्देश दिए कि इस संवेदनशील स्थान पर मानव बल लगाकर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बरसात के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो।
इसके बाद ग्वालटोली स्थित साईं मंदिर के पास नाले का निरीक्षण किया गया। यहां फांसी मशीन, जेसीबी और ट्रक कार्यरत मिले, लेकिन बांस डालकर गहराई की जांच करने पर पता चला कि नाले की तलीझार सफाई नहीं हुई है और अंदर कचरा जमा है। इस पर नगर आयुक्त ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए जोनल अभियंता को तत्काल चेतावनी जारी करने तथा दोबारा पूरी गहराई तक सफाई कराने के निर्देश दिए।
भैरवघाट स्थित सीसामऊ टैपिंग पॉइंट पर जल निगम के अभियंताओं ने जानकारी दी कि वीआईपी रोड से जाजमऊ एसटीपी तक 80 एमएलडी पानी भेजा जाता है। इसमें से 15 एमएलडी परमट पंपिंग स्टेशन तथा 60 एमएलडी बकरमंडी टैपिंग के माध्यम से बिनगवां एसटीपी पहुंचता है। बरसात के दौरान गेट संकरे होने के कारण पानी की निकासी में देरी होती है, जिससे ग्वालटोली और खलासी लाइन क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन जाती है। अधिकारियों ने बताया कि इसके री-डिजाइन की निविदा प्रक्रिया जारी है।
इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि मानसून से पहले यह कार्य संभव नहीं हो पाएगा, इसलिए सभी औपचारिकताएं पूरी रखी जाएं ताकि बारिश समाप्त होते ही काम प्रारंभ कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 5700 मीटर लंबी परियोजना के विभिन्न कार्य पूर्ण हो चुके हैं। नगर आयुक्त ने ग्रीन पार्क चौराहा और हर्डड चौराहे पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए ‘फ्री लेफ्ट’ व्यवस्था का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क के दोनों ओर प्रस्तावित फुटपाथ की चौड़ाई का पुनः परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार कम करने को कहा, ताकि सड़क अधिक चौड़ी रह सके।
उन्होंने जल निगम को निर्देशित किया कि जहां केवल एक ओर की वॉटर टेस्टिंग हुई है, वहां शेष हिस्से की टेस्टिंग भी जल्द पूरी कराई जाए। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उत्तर प्रदेश जल निगम के कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए तय समय सीमा में परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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