कानपुर-नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) परिसर में बिना अनुमति 723 हरे पेड़ काटे जाने के मामले में वन विभाग ने एनएसआई निदेशक समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से चोरी-छिपे पेड़ों की कटान कर लकड़ी बेची गई। पुलिस ने वन संरक्षण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मामले में लापरवाही बरतने पर वन दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।
क्षेत्रीय वन अधिकारी कानपुर रेंज राकेश कुमार पांडेय की तहरीर के अनुसार एनएसआई निदेशक सीमा परोहा, संपदा अधिकारी विनय कुमार, सुरक्षा कमांडर उदय प्रताप सिंह, फॉर्म प्रबंधक अशोक कुमार तथा अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर संस्थान परिसर में खड़े हरे पेड़ कटवाए। आरोप है कि कटे हुए पेड़ों को अनवरगंज स्थित मेसर्स तिवारी वुड मर्चेंट को बेच दिया गया।
बताया गया कि हॉस्टल निर्माण और साफ-सफाई की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान की गई। इस मामले की केंद्रीय टीम पहले ही जांच कर चुकी है। मंगलवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई। वन विभाग के अनुसार परिसर में 250 प्रोसोपिस, 128 कंजी, 119 नीम, 67 कनेर, 44 केशिया श्यामिया, 30 शीशम, 27 यूकेलिप्टस और 21 जंगल जलेबी समेत कुल 723 हरे पेड़ काट दिए गए। जांच टीम के पहुंचने तक बड़ी संख्या में लकड़ी बेची जा चुकी थी। मुख्य वन संरक्षक एन.के. जानू ने मामले में लापरवाही बरतने पर वन दरोगा राम बाबू दोहरे को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उनके क्षेत्र में बिना अनुमति पेड़ कटते रहे और उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं हुई।
एसीपी पनकी आशुतोष कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय वन अधिकारी की तहरीर पर एनएसआई निदेशक समेत अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम सीसीटीवी कैमरों की मदद से यह जांच करेगी कि परिसर से कितनी ट्रॉलियों में लकड़ी बाहर भेजी गई।
एनएसआई में 723 हरे पेड़ कटने पर मुकदमा