स्टॉक मार्केट और IPO निवेश के नाम पर लोगों को लगाते थे चूना, दिल्ली तक फैला नेटवर्क
कानपुर। थाना रावतपुर पुलिस और साइबर टीम (पश्चिम जोन) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग और आईपीओ निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सुमित कश्यप और नवीन श्रीवास्तव नामक दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से रावतपुर क्षेत्र में रहकर इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए लोगों को कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर फंसाते थे। झांसे में आने वाले लोगों से रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसमें पांच बैंक खाते चिन्हित हुए। जांच में इन खातों से करीब 14 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ। इन खातों से संबंधित देशभर में 12 शिकायतें दर्ज मिली हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी और किराए के बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे। गरीब और अनजान लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर उनकी बैंक किट और क्रेडेंशियल्स दिल्ली में बैठे गिरोह के सरगना तक पहुंचाए जाते थे। ठगी की रकम खातों में आने के बाद एटीएम और चेक के जरिए तुरंत निकाल ली जाती थी, ताकि पुलिस मनी ट्रेल तक न पहुंच सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स से जुड़ी अवैध वित्तीय गतिविधियों में भी किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी सुमित कश्यप पहले भी साइबर ठगी के मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा जेल भेजा जा चुका है और उसके खिलाफ चार गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और कई डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और दिल्ली स्थित नेटवर्क से जुड़े लोगों का पता लगाया जा सकेगा। फिलहाल दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।