कानपुर। शहर में मुख्यमंत्री हरित सड़क सुधार (सीएम ग्रिड) योजना के तहत बन रही सड़कों के डिजाइन और क्रियान्वयन को लेकर अब नगर निगम स्तर पर सख्ती साफ नजर आने लगी है। लगातार मिल रही शिकायतों और आम जनता के विरोध को गंभीरता से लेते हुए महापौर प्रमिला पांडेय ने बुधवार को खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और खामियां मिलने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
सुबह करीब 10:30 बजे महापौर अभियंत्रण विभाग की टीम के साथ ग्रीन पार्क चौराहे पर पहुंचीं। यहां उन्होंने सबसे पहले निर्माणाधीन सड़क और फुटपाथ का बारीकी से निरीक्षण किया। महापौर ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों को तत्काल फुटपाथ की चौड़ाई नापने के निर्देश दिए। जब पैमाइश की गई तो सड़क के दोनों ओर फुटपाथ की चौड़ाई लगभग साढ़े आठ मीटर पाई गई, जबकि सड़क की चौड़ाई अपेक्षाकृत कम नजर आई।
यह स्थिति सामने आते ही महापौर का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह का डिजाइन आम जनता की सुविधा के बजाय परेशानी बढ़ाने वाला है। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि जब इस मार्ग पर कई प्रतिष्ठित स्कूल स्थित हैं और सुबह-शाम बड़ी संख्या में स्कूल बसें गुजरती हैं, तो इतनी संकरी सड़क पर ट्रैफिक कैसे सुचारू रूप से चल पाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक साथ दो बसें निकलती हैं तो यहां जाम की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने एक और गंभीर खामी की ओर इशारा किया। उन्होंने देखा कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही फुटपाथ के बड़े हिस्से पर लोगों द्वारा कब्जा करना शुरू कर दिया गया है। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब शुरुआती चरण में ही यह स्थिति है, तो भविष्य में ये फुटपाथ पूरी तरह अवैध अतिक्रमण की चपेट में आ जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि नगर निगम की ओर से इन कब्जों को रोकने के लिए क्या ठोस योजना बनाई गई है।
महापौर ने मौके से ही नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को फोन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सीएम ग्रिड योजना की विस्तृत कार्ययोजना और डिजाइन की जानकारी तलब करते हुए स्पष्ट संकेत दिए कि यदि जरूरत पड़ी तो डिजाइन में जनहित के अनुसार बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर सुविधा देना होता है, न कि उन्हें नई समस्याओं में उलझाना।
महापौर ने अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिए कि सड़क और फुटपाथ के अनुपात का पुनः मूल्यांकन किया जाए और ट्रैफिक की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संशोधित प्रस्ताव तैयार किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और उपयोगिता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी महापौर के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि पहले ही क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है और यदि सड़क संकरी कर दी गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। महापौर ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द ही उचित समाधान निकाला जाएगा।
कुल मिलाकर, सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रहे निर्माण कार्य पर महापौर की यह सख्ती यह संकेत दे रही है कि अब परियोजनाओं में लापरवाही या एकतरफा निर्णय नहीं चलेंगे और जनहित को प्राथमिकता दी जाएगी।
सीएम ग्रिड सड़क पर महापौर सख्त