कानपुर-भारतीय दलित पैंथर के बैनर तले मंगलवार को ग्राम सभा पतेहरी के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी जमीन संबंधी समस्याओं और स्मार्ट मीटर की विसंगतियों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ज्ञापन का नेतृत्व कर रहे पैंथर धनीराम बौद्ध ने बताया कि वर्ष 2011 में ‘डॉ. अम्बेडकर ग्राम विकास योजना’ के अंतर्गत पतेहरी गांव के भूमिहीन अनुसूचित जाति के परिवारों को कृषि भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता अधिनियम 2006 की धारा 76(2) के अनुसार, 5 वर्ष पूर्ण होने पर पट्टे की भूमि स्वतः ‘असंक्रमणीय’ से ‘संक्रमणीय भूमिधर’ (मालिकाना हक) में बदल जानी चाहिए, ग्रामीणों का आरोप है कि 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी तहसील स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं इस मौके पैंथर धनीराम बौद्ध ने कहा कि हमने बार-बार तहसील के चक्कर काटे, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हुई अगर जल्द ही भूमि को संक्रमणीय घोषित नहीं किया गया, तो हम बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे, जमीन के मुद्दे के साथ-साथ बिजली के स्मार्ट मीटरों का मुद्दा भी गरमाया रहा भारतीय दलित पैंथर के मंडल अध्यक्ष और ग्राम प्रधान शिवप्रताप बौद्ध ने कहा कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे जनता में भारी असंतोष है हालांकि, शासन द्वारा वर्तमान में इस पर रोक लगा दी गई है, लेकिन पूर्व में हुई शिकायतों का निस्तारण अब तक नहीं हुआ है ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से शिवप्रताप बौद्ध (प्रधान), हरिओम खन्ना, कैलाशनाथ, शिव कुमार, जय प्रकाश, बाबू प्रसाद, सीता राम, राजकुमार (मुखिया), अजय कुमार, राजेश (खन्ना), अनंत, अखिल कुमार और परमानंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
पट्टे की जमीन को मालिकाना हक दिलाने एवं स्मार्ट मीटर को लेकर सौंपा ज्ञापन