सुरक्षा मानकों की अनदेखी, लाइनमैन की लापरवाही का आरोप; घायल कर्मी बिना इलाज घर पर तड़पने को मजबूर
कानपुर शहर में बिजली से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर ठेका कर्मियों की जान जोखिम में डालने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। नगर निगम जोन-3 के मार्ग प्रकाश विभाग में तैनात एक हेल्पर (एवजदार) लाइनमैन की कथित लापरवाही के चलते काम के दौरान बुरी तरह झुलस गया। हैरानी की बात यह है कि हादसे के बाद विभाग ने घायल कर्मचारी के इलाज की जिम्मेदारी उठाना भी जरूरी नहीं समझा, जिसके चलते वह आर्थिक तंगी के कारण घर पर ही दर्द से कराह रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना वार्ड संख्या 92 की है, जहां सोमवार दोपहर मार्ग प्रकाश की लाइटों को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, मौके पर मौजूद जिम्मेदार लाइनमैन स्वयं पोल पर चढ़ने के बजाय नीचे खड़े होकर केवल निर्देश दे रहे थे। तकनीकी जानकारी न होने के बावजूद हेल्पर के पद पर तैनात एवजदार को पोल पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था।
पीड़ित हेल्पर ने बताया कि वह जोन-3 मार्ग प्रकाश विभाग में हेल्पर के पद पर कार्यरत है, लेकिन उससे लगातार लाइनमैन का काम लिया जाता है। इसी दौरान पोल पर चढ़कर लाइट ठीक करते समय वह अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया। हालांकि गनीमत रही कि वह पोल से नीचे नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
घायल कर्मचारी का आरोप है कि इस गंभीर हादसे के बाद विभाग के किसी भी अधिकारी या लाइनमैन ने उसकी सुध नहीं ली। न तो उसे प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया और न ही किसी प्रकार की आर्थिक सहायता दी गई। हालत यह है कि आर्थिक अभाव के चलते वह अस्पताल में भर्ती होने के बजाय घर पर ही दर्द सहने को मजबूर है।
पीड़ित ने बताया, “मुझसे मेरे पद के विपरीत काम कराया गया। हादसे के बाद किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली और विभाग ने मेरा इलाज तक नहीं कराया। अब मैं घर पर तड़पने को मजबूर हूं।”
इस घटना ने नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर हेल्पर से तकनीकी काम क्यों लिया जा रहा था? क्या जिम्मेदार लाइनमैन अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं? और सबसे बड़ा सवाल—हादसे के बाद घायल कर्मचारी के इलाज की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
स्थानीय लोगों और कर्मचारी संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही से किसी और की जान खतरे में न पड़े।