साउथ जोन में देर रात छापा, ₹3.91 करोड़ कैश बरामद; 5 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
कानपुर—शहर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ सेंट्रल जोन पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। फजलगंज थाना पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त छापेमारी में आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। देर रात साउथ जोन के ठिकानों पर हुई कार्रवाई में पुलिस ने 3 करोड़ 91 लाख रुपये की भारी नकदी बरामद की और 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना मौके से फरार हो गया।
पुलिस को सट्टेबाजी की सटीक सूचना मिलने के बाद साउथ जोन में घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। जैसे ही टीम ने संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, अंदर का नजारा चौंकाने वाला था—कमरे में नोटों की गड्डियां बिखरी पड़ी थीं। मौके पर ही कैश काउंटिंग मशीनें मंगवाकर रकम की गिनती कराई गई, जो कुल ₹3.91 करोड़ निकली।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सट्टा चला रहा था। आरोपी विशेष मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को जोड़ते थे और सट्टे का पूरा लेन-देन डिजिटल वॉलेट व गुप्त बैंक खातों के माध्यम से किया जाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 6 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें करोड़ों के लेन-देन का रिकॉर्ड और कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क मिलने की संभावना है।
इस बड़ी सफलता पर पुलिस आयुक्त ने टीम की सराहना करते हुए 50,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। अधिकारियों ने साफ किया है कि शहर में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, फरार मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जांच के बाद पूरे नेटवर्क, सट्टा लगाने वाले ग्राहकों और बैंक खातों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस बड़े सट्टा सिंडिकेट के अन्य राज्यों तक फैले नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।