भीड़-अपराध पर जीरो टॉलरेंस, आउटर गिरोह और अव्यवस्था पर कार्रवाई के निर्देश
कानपुर—रेल यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रेलवे पुलिस महानिदेशक सोनाली मिश्र ने बुधवार को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। आगामी त्योहारों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते स्टेशन पर बढ़ने वाली भीड़ और अपराध की संभावनाओं को देखते हुए डीजी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान सोनाली मिश्र सबसे पहले आरपीएफ थाने पहुंचीं, जहां उन्होंने अपराध रजिस्टर, लंबित मामलों और पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर एक सहित स्टेशन परिसर के विभिन्न हिस्सों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन पर साफ-सफाई और अव्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
डीजी ने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म पर केवल वैध यात्रियों को ही प्रवेश दिया जाए। बिना टिकट घूमने वालों और अनावश्यक भीड़ को स्टेशन परिसर के बाहर ही रोकने के लिए प्रवेश और निकास द्वारों पर सख्त निगरानी रखी जाए। उन्होंने आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सके।
कानपुर सेंट्रल के आउटर क्षेत्र में होने वाली लूट और झपटमारी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीजी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रेन के धीमा होते ही सक्रिय होने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही, बेवजह चेन पुलिंग कर ट्रेनों को रोकने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के आदेश भी दिए गए।
डीजी सोनाली मिश्र ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आने वाले दिनों में बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की जाए। इस योजना में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती और स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वारों पर गहन चेकिंग को शामिल किया जाए।
“यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। स्टेशन परिसर में अवैध गतिविधियों और अनावश्यक भीड़ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— सोनाली मिश्र, डीजी रेलवे