सेफ फूड पर सख्ती

कानपुर:
शहर में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ‘सेफ फूड’ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पैकेज्ड खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। हाल के दिनों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पुराने, सड़े-गले या एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों को नई डेटिंग और पैकेजिंग के साथ बाजार में बेचा जा रहा है। उन्होंने इस तरह की अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि इस प्रकार की कोई जानकारी सामने आए तो तुरंत सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया, जिससे उपभोक्ता खुद शुद्ध और अशुद्ध खाद्य पदार्थों की पहचान कर सकें।
जिलाधिकारी ने खाद्य पदार्थों में अजीनोमोटो के अत्यधिक और गैर-जिम्मेदाराना प्रयोग पर भी चिंता जताई और अधिकारियों को इसे नियंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसके बावजूद कुछ विक्रेता इसका प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा फिंगर चिप्स, मोमो सॉस, बिरयानी सहित अन्य खाद्य पदार्थों में औद्योगिक रंगों के इस्तेमाल पर रोक सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव एवं समिति सदस्य आरके सफ्फड़ ने सुझाव दिया कि हॉस्टलों और अस्पतालों की कैंटीन में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन संजय सिंह ने विभागीय कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में 1237 छापे डाले गए और 1772 नमूनों का संग्रहण किया गया। इनमें से 633 नमूने अधोमानक, 80 असुरक्षित और 37 मिथ्याछाप पाए गए। दूध के 163 नमूनों में से 98 मानक के अनुरूप नहीं थे, जबकि खोया, पनीर और मिठाइयों के 603 नमूनों में से 395 नमूने फेल पाए गए। अन्य खाद्य पदार्थों के 1006 नमूनों में से 257 मानक पर खरे नहीं उतरे।
इन मामलों में विभाग द्वारा 584 वाद न्यायालय में दाखिल किए गए हैं। बैठक में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, डीपीओ प्रीति सिंहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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