कानपुर:
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बुधवार को फूलबाग स्थित एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया को देखा और रिकॉर्ड्स का अवलोकन किया, जिसमें मार्च माह की कार्यवाही और साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने एक अहम पहल करते हुए आवारा कुत्तों की पहचान के लिए माइक्रोचिप तकनीक लागू करने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तलब की। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। माइक्रोचिप लगने के बाद कुत्तों की पहचान लंबे समय तक संभव होगी, जिससे शिकायतों का निस्तारण और डेटा ट्रैकिंग आसान हो सकेगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. निरंजन ने बताया कि शहर में संचालित दो केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 60 और प्रतिमाह करीब 1800 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। यह कार्य ‘फ्रेंडिकोस सेका’ संस्था द्वारा एबीसी रूल्स 2023 के तहत किया जा रहा है, जिसमें नसबंदी के बाद कुत्तों को उनके मूल स्थान पर ही छोड़ा जाता है।
नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि यदि देश के अन्य नगर निगमों में माइक्रोचिप व्यवस्था लागू है, तो उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन कर रिपोर्ट में शामिल किया जाए। उन्होंने श्वानों से जुड़ी शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए तकनीक आधारित समाधान अपनाने पर जोर दिया।
इस दौरान वेटनरी सर्जन डॉ. हेमंत राजपूत, पैराबेट हिमांशु समेत अन्य नगर निगम कर्मी मौजूद रहे।
माइक्रोचिप से होगी आवारा कुत्तों की पहचान, एबीसी सेंटर का निरीक्षण