कानपुर:
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एवं नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 600 छात्राओं ने भाग लेकर विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयुर्वेदाचार्य वंदना पाठक, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर अंशु यादव, डॉ. ममता तिवारी (इवेंट कोऑर्डिनेटर) एवं डॉ. श्रवण यादव (विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा) द्वारा किया गया। सभी अतिथियों ने छात्राओं को संबोधित करते हुए आत्मरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि आज के समय में प्रत्येक लड़की का आत्मनिर्भर और आत्मरक्षित होना बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कराटे प्रशिक्षक सिहान विजय कुमार एवं उनकी टीम—विशी कुमार, नैतिक, वेदांस, आशीष, आयुष और ऋतिका—ने छात्राओं को कराटे की बुनियादी तकनीकों के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इसके अलावा जुम्बा और योग के माध्यम से छात्राओं की शारीरिक क्षमता और संतुलन को भी बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और आत्मरक्षा के गुर सीखकर अपने आत्मविश्वास को मजबूत किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें न केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत रहने के टिप्स दिए।
डॉ. श्रवण यादव ने जानकारी दी कि सिहान विजय कुमार के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए निशुल्क कराटे प्रशिक्षण प्रतिदिन सायं 5 बजे से 7 बजे तक उपलब्ध रहेगा। इस प्रशिक्षण में विश्वविद्यालय के साथ-साथ अन्य विद्यालयों की छात्राएं भी भाग ले सकेंगी, जिससे अधिक से अधिक बालिकाएं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।
कार्यक्रम के समापन पर मेडिटेशन और योग के महत्व को समझाया गया, जिससे छात्राएं मानसिक रूप से भी सशक्त बन सकें। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाना रहा।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एवं नेशनल सर्विस स्कीम के सभी सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा।
सीएसजेएमयू में छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण