कानपुर:
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत सराहनीय कार्रवाई करते हुए एक अपहृत नाबालिग बच्चे को सकुशल बरामद कर संबंधित पुलिस और परिजनों के सुपुर्द किया। इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की परिजनों व पुलिस अधिकारियों द्वारा सराहना की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 07.04.2026 को एएसआई बलवीर सिंह अपने हमराह स्टाफ के साथ कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक नाबालिग बच्चा संदिग्ध अवस्था में अकेले घूमता हुआ दिखाई दिया। सतर्कता दिखाते हुए टीम बच्चे को पोस्ट पर लेकर आई और उससे खुले माहौल में पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान बच्चे ने अपना नाम शाकिर पुत्र रईसुद्दीन, उम्र करीब 11 वर्ष, निवासी सौफूटा रोड, कृष्णा बाग कॉलोनी, गली नंबर 04, थाना ट्रांस यमुना, जनपद आगरा बताया। बच्चे ने यह भी बताया कि वह घर से भटककर यहां पहुंच गया है।
इसके बाद आरपीएफ द्वारा तत्काल परिजनों से संपर्क किया गया। परिजनों ने जानकारी दी कि बच्चे के अपहरण का मुकदमा थाना ट्रांस यमुना, आगरा में दर्ज है और वे संबंधित पुलिस के साथ कानपुर पहुंच रहे हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ ने बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में रखा।
दिनांक 08.04.2026 को थाना ट्रांस यमुना, आगरा से उपनिरीक्षक अंशुल राठौर व हेड कांस्टेबल सुरेंद्र पाल परिजनों के साथ कानपुर सेंट्रल पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुकदमा अपराध संख्या 131/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत पंजीकृत है। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के उपरांत बच्चे को विधिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए संबंधित पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
इस दौरान उपनिरीक्षक मो. असलम खान की देखरेख में पूरी कार्रवाई संपन्न हुई। बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और आरपीएफ टीम का आभार व्यक्त किया।
आरपीएफ द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ लगातार लापता व भटके बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिल रहा है।
ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ में आरपीएफ की बड़ी सफलता, अपहृत नाबालिग को सकुशल बरामद कर पुलिस को सौंपा