कानपुर के व्यस्त इलाके झकरकटी बस अड्डा पुल पर रोडवेज बस चालकों की दबंगई एक बार फिर खुलकर सामने आई, जहां यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी के चलते घंटों भीषण जाम लगा रहा। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस भी बेबस नजर आई और आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परिवहन निगम के चालक सवारियां भरने के लालच में बसों को बीच सड़क पर ही तिरछा खड़ा कर देते हैं, जिससे पुल पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। सोमवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब ट्रैफिक पुलिस के बार-बार निर्देश देने के बावजूद ड्राइवरों ने बसें हटाने से साफ इनकार कर दिया।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ चालक पुलिसकर्मियों से ही बहस करने लगे और बस आगे बढ़ाने के बजाय मौके पर खड़े रहे। इसके चलते पुल के ऊपर और नीचे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भीषण गर्मी और उमस में फंसे लोग घंटों जाम में परेशान होते रहे।
जाम का असर इतना गंभीर रहा कि कई एंबुलेंस भी सायरन बजाती हुई फंसी रहीं, जिससे मरीजों की जान पर भी बन आई। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों का निकलना भी मुश्किल हो गया। बेतरतीब खड़ी बसों के कारण दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झकरकटी पुल अब ‘अतिक्रमण और दबंगई’ का केंद्र बनता जा रहा है। रोजाना बसों के जमावड़े के कारण यहां जाम लगना आम बात हो गई है, जिससे स्टेशन और बस अड्डे जाने वाले यात्रियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है और कई बार उनकी ट्रेन या बस छूट जाती है।
लोगों ने पुलिस कमिश्नर और परिवहन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि केवल चालान से काम नहीं चलेगा, बल्कि नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस तक निरस्त किए जाएं।
जब तक रोडवेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन मिलकर कड़े कदम नहीं उठाएंगे, तब तक झकरकटी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधरना मुश्किल नजर आ रहा है और आम जनता को इस समस्या से निजात मिलना फिलहाल दूर की बात है।
: झकरकटी पुल पर रोडवेज चालकों की मनमानी, घंटों जाम