नगर आयुक्त की सख्ती—मेट्रो स्टेशन, बाजार और घाटों पर चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान; 15 दिन में दिखेगा असर
कानपुर में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। शहर की रैंकिंग सुधारने और जलभराव जैसी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। गुरुवार को नगर निगम सभागार में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में साफ-सफाई, कूड़ा प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर के छोटे नालों (एक मीटर से कम चौड़े) पर किए गए सभी अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं। ऐसे नालों पर बनाए गए रैंप, पार्किंग या अन्य निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग और जियोटैग फोटोग्राफी अनिवार्य होगी, साथ ही मौके से मलबा तुरंत हटाया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर रोस्टर बनाकर व्यापारिक संगठनों, बाजार समितियों और विद्यालयों के साथ बैठकें की जाएं। इन बैठकों में गीला और सूखा कूड़ा अलग करने (सोर्स सेग्रीगेशन) पर जोर दिया जाएगा। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी, साथ ही स्कूलों के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।
यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मेट्रो स्टेशनों, विशेषकर मोतीझील क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को प्राथमिकता दी गई है। फुटपाथ और सड़कों पर फैले अतिक्रमण को हटाकर आमजन को राहत दी जाएगी। इसके अलावा शहर के प्रवेश द्वारों से टर्निंग पॉइंट्स तक एक किलोमीटर के दायरे को अतिक्रमण मुक्त रखने का लक्ष्य तय किया गया है।
नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि मेट्रो स्टेशनों के पास स्थित दुकानों में दो डस्टबिन रखना अनिवार्य किया जाए, जबकि गंगा घाटों पर स्थायी डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, खुले मैनहोल को ढकने और लटकते बिजली के तारों को दुरुस्त करने की नियमित निगरानी करने को कहा गया।
अधिकारियों को अतिक्रमण की सूची सौंप दी गई है और स्पष्ट किया गया है कि 15 दिनों के भीतर प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके बाद दोबारा समीक्षा बैठक कर कार्रवाई की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
बैठक में अपर नगर आयुक्त (द्वितीय), मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक जलकल, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी समेत सभी जोनल अधिकारी, अभियंता और स्वच्छता अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम की इस सख्ती से शहर में साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।