तड़के से लगी लंबी कतारें, भीषण गर्मी भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं का उत्साह; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कानपुर में चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाई जा रही हनुमान जयंती पर आस्था अपने चरम पर नजर आई। शहर के प्रसिद्ध और प्राचीन संकट मोचन पनकी धाम मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मंगल आरती के साथ जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति यह रही कि कई श्रद्धालु तो रात से ही लाइन में लग गए थे। सुबह होते-होते कतारें कई किलोमीटर तक फैल गईं, लेकिन भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। भीषण गर्मी और लंबा इंतजार भी उनकी श्रद्धा के आगे फीका पड़ गया।
हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया। पनकी धाम की विशेष मान्यता है कि यहां बजरंगबली पंचमुखी स्वरूप में विराजमान हैं और सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसी आस्था के चलते दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचे।
भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जबकि कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई।
गर्मी से राहत के लिए मंदिर प्रबंधन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा जगह-जगह पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई। इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली।
मंदिर के महंत कृष्ण दास ने बताया कि हनुमान जयंती पर बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया है और भक्तों को सुगम दर्शन कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और सभी कष्ट दूर होते हैं।
दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। उनका कहना था कि लंबी कतार के बावजूद बाबा के दर्शन से सारी थकान दूर हो गई और मन को अद्भुत शांति मिली।
कुल मिलाकर, पनकी धाम में हनुमान जयंती का यह आयोजन आस्था, व्यवस्था और भक्ति का अनूठा संगम बनकर सामने आया, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने एक साथ अपनी श्रद्धा अर्पित कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।