रामादेवी के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने खोला मोर्चा; फॉरेंसिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कानपुर के रामादेवी स्थित कैलाश मेडिकल सेंटर में कथित लापरवाही से मरीज की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मिस्ट्री स्पिनर उत्कर्ष द्विवेदी ने अपनी मां की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रेसवार्ता के दौरान उत्कर्ष द्विवेदी ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को उनकी मां को कैलाश मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां कथित रूप से गलत इलाज और लापरवाही के कारण उनकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा न केवल इलाज में गंभीर चूक की गई, बल्कि मरीज से अवैध वसूली भी की गई।
उत्कर्ष का कहना है कि जब उन्होंने इस लापरवाही और अवैध वसूली का विरोध किया, तो अस्पताल संचालक डॉ. जितेंद्र शर्मा ने उन पर ही रंगदारी मांगने का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। इस कार्रवाई को उन्होंने साजिश बताते हुए कहा कि सच्चाई दबाने के लिए उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
मामले को लेकर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और निष्पक्ष जांच करने के बजाय अस्पताल का पक्ष लिया।
उत्कर्ष द्विवेदी ने मामले से जुड़े एक कथित वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने दोषी डॉक्टरों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है।
खिलाड़ी ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा, “शहर में बिना मानक और बिना योग्य डॉक्टरों के नर्सिंग होम धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभाग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है, जिससे आम जनता की जान खतरे में पड़ रही है।” यह मामला न केवल एक परिवार के दुख से जुड़ा है, बल्कि शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है या नहीं।