नगर आयुक्त की बैठक में बड़ा फैसला, मेट्रो स्टेशनों के पास अतिक्रमण और पार्किंग व्यवस्था पर बनेगी नई नीति
कानपुर की जाम से जूझती सड़कों को अब ‘स्मार्ट’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें 65 नए चौराहों पर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाने की योजना सबसे प्रमुख रही।
बैठक में स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना (CMVNY) के तहत करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 65 नए चौराहों पर ITMS सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इससे ट्रैफिक सिग्नलिंग, निगरानी और यातायात नियंत्रण को आधुनिक तकनीक से संचालित किया जा सकेगा। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि इन चौराहों की सूची जल्द ही पुलिस उपायुक्त (यातायात) को भेजी जाए, ताकि उनकी उपयोगिता का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा सके।
बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि यातायात सुधार के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह की योजनाएं तैयार की गई हैं। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि शॉर्ट टर्म प्लान के तहत जेब्रा क्रॉसिंग, व्हाइट पेंट, थर्मोप्लास्टिक मार्किंग और ट्रैफिक कोन जैसे कार्यों को प्राथमिकता पर तुरंत पूरा किया जाए। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।
मेट्रो स्टेशनों के आसपास बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बताया कि अधिकांश मेट्रो स्टेशन नेशनल हाईवे पर स्थित हैं, जहां भारी अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। इस पर नगर आयुक्त ने अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने के निर्देश दिए और कहा कि नगर निगम इसमें पूरा सहयोग करेगा।
वहीं, सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) ने मेट्रो स्टेशनों के नीचे फुटपाथ पर बनाई गई पार्किंग पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इससे पैदल यात्रियों को दिक्कत होती है और जाम की स्थिति बनती है। हालांकि मेट्रो अधिकारियों ने इसे ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ का हिस्सा बताया। इस पर नगर आयुक्त ने ऐसे सभी स्थानों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में भारत सरकार की संस्था ‘राइट्स’ (RITES) द्वारा शहर की मोबिलिटी को लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया गया, जिसमें लिंक रोड, मेट्रो कनेक्टिविटी और पार्किंग प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह रिपोर्ट अब तक सभी विभागों के साथ साझा नहीं की गई है और निर्देश दिया कि इसे तत्काल साझा कर अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।
शहर में टेंपो संचालन को व्यवस्थित करने के लिए भी चर्चा हुई। एडीसीपी ने टेंपो स्टैंड चिन्हित करने की बात कही, जिस पर नगर निगम के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि 20 स्टैंड पहले ही बनाए जा चुके हैं। हालांकि इनके संचालन को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। नगर आयुक्त ने इस पर एक ठोस संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीसीपी ईस्ट अंजली विश्वकर्मा, एडीसीपी ट्रैफिक कपिल देव सिंह, मुख्य अभियंता एस.एफ.ए. जैदी, राइट्स के प्रतिनिधि, यूपी मेट्रो कॉर्पोरेशन, एनएचएआई और जलकल विभाग के अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, इस बैठक में लिए गए फैसलों से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में कानपुर की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त नजर आएगी।