स्वरूप नगर पुलिस ने झील से निकलवाया शव, शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम को भेजा गया
कानपुर। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल स्वरूप नगर थाना क्षेत्र स्थित कारगिल पार्क (मोतीझील) में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब झील के पानी में एक किशोर का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। सुबह-सुबह टहलने निकले लोगों ने जैसे ही पानी में शव देखा, वहां अफरा-तफरी मच गई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही स्वरूप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से झील से शव को बाहर निकलवाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की और पहचान कराने की प्रक्रिया तेज की। कुछ ही समय में मृतक की पहचान 14 वर्षीय शुभम के रूप में हुई, जो पास के क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।
मृतक की पहचान होते ही परिजनों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि शुभम मानसिक रूप से कुछ कमजोर था और अक्सर घर से बिना बताए निकल जाता था। वह आसपास के इलाकों में घूमता रहता था, जिससे परिवारजन हमेशा चिंतित रहते थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि संभवतः शुभम घूमते-घूमते मोतीझील के किनारे पहुंच गया होगा। आशंका जताई जा रही है कि झील के पास फिसलन या असंतुलन के कारण वह पानी में गिर गया और तैरना न आने के चलते डूबने से उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने अन्य सभी पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध स्थिति को नजरअंदाज न किया जाए।
मौके पर पहुंचे पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से किसी भी व्यक्ति पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है और इस संबंध में लिखित सूचना भी पुलिस को दी गई है।
पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर ली है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। यदि रिपोर्ट में कोई असामान्य या संदिग्ध तथ्य सामने आता है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि मोतीझील जैसे व्यस्त और लोकप्रिय स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि झील के किनारों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे इस घटना के पीछे की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।