कानपुर। ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर शहर में खुशी, भाईचारे और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्य आयोजन बेनाझाबर मरकजी ईदगाह में हुआ, जहां हजारों नमाजियों ने एक साथ नमाज अदा कर देश की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। सुबह से ही ईदगाह परिसर में रौनक छा गई थी। सफेद कुर्ता-पाजामा और रंग-बिरंगी टोपियों में सजे अकीदतमंदों की भीड़ ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। निर्धारित समय से पहले ही लोग बड़ी संख्या में ईदगाह पहुंचने लगे थे। इमाम साहब की सरपरस्ती में नमाज पूरी शांति और अनुशासन के साथ अदा की गई। नमाज के बाद दुआ खत्म होते ही चारों ओर ‘ईद मुबारक’ की गूंज सुनाई दी। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम व भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था।
इस अवसर पर जितेंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। नमाज के बाद उन्होंने जनपदवासियों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व समाज को जोड़ने और एकता को मजबूत करने का काम करते हैं। साथ ही सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की।
आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, वहीं यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू किया गया, जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके अलावा नगर निगम द्वारा साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई, जबकि जलकल विभाग ने पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की। प्रशासनिक तैयारियों और जनता के सहयोग से पूरा आयोजन गरिमामय, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
ईद के इस मौके पर कानपुर में एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली, जहां लोगों ने मिलजुलकर त्योहार की खुशियां साझा कीं और एकता का संदेश दिया।
बेनाझाबर ईदगाह में गूंजी ‘ईद मुबारक’, अमन-चैन की दुआओं के साथ अदा हुई नमाज