कानपुर। शहर के चर्चित रंगदारी और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत याचिका एक बार फिर खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले से उनकी जेल से बाहर आने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
यह मामला होटल कारोबारी सुरेश पाल से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि अखिलेश दुबे ने कारोबारी से करीब 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने की कोशिश की थी। साथ ही उन पर कारोबारी को झूठे मुकदमों में फंसाने और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप भी लगे हैं। इन्हीं मामलों में वे लंबे समय से जेल में बंद हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में एक अन्य प्रकरण में अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी, जिसके बाद उनके समर्थकों को इस मामले में भी जमानत मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने ताजा फैसले में किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब बचाव पक्ष के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि रंगदारी और पॉक्सो जैसे गंभीर और संवेदनशील आरोपों के चलते जमानत मिलना फिलहाल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
फिलहाल, आरोपी को अभी जेल में ही रहना होगा और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
हाईकोर्ट से अखिलेश दुबे को झटका, जमानत याचिका खारिज