कानपुर। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सतर्कता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से अपहृत 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को उसके परिजनों और मध्य प्रदेश पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार रविवार को आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ टीम में तैनात महिला कांस्टेबल मिथलेश प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर गश्त कर रही थीं। इसी दौरान दिल्ली साइड फुट ओवरब्रिज के पास एक किशोरी संदिग्ध और घबराई हुई अवस्था में अकेली घूमती दिखाई दी। संदेह होने पर महिला कांस्टेबल ने उसे विश्वास में लेकर आरपीएफ पोस्ट पर ले आईं।
आरपीएफ पोस्ट पर पूछताछ के दौरान किशोरी ने अपना नाम राधा (बदला हुआ नाम), पुत्री आशाराम, उम्र लगभग 15 वर्ष, निवासी बम्होरी पुरवा, थाना जुझार नगर, जिला छतरपुर (मध्य प्रदेश) बताया। इसके बाद आरपीएफ ने तत्काल संबंधित थाने और परिजनों से संपर्क किया।
परिजनों ने बताया कि किशोरी कुछ दिनों से लापता थी और उसके अपहरण के संबंध में थाना जुझार नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 137(2) के तहत मुकदमा संख्या 0054/26 पहले से दर्ज है।
सूचना मिलने पर किशोरी के पिता और भाई मध्य प्रदेश पुलिस के एएसआई विनोद सिंह के साथ कानपुर सेंट्रल पहुंचे। रविवार दोपहर करीब 2:40 बजे आवश्यक कानूनी दस्तावेज और प्राथमिकी की प्रति प्रस्तुत करने के बाद आरपीएफ की एएसआई सुनीता ने महिला स्टाफ की मौजूदगी में किशोरी को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों और एमपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जिसके चलते इस तरह की घटनाओं में समय रहते कार्रवाई संभव हो पाती है।
आरपीएफ ने अपहृत किशोरी को सकुशल किया रेस्क्यू