ऑपरेशन मुस्कान में बालक परिजनों से मिला

कानपुर। गुमशुदा और बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत जीआरपी को एक और सफलता मिली है। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अपनों से बिछड़े एक 14 वर्षीय किशोर को जीआरपी ने सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों की आंखें खुशी से भर आईं और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश रेलवे पुलिस द्वारा पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के मार्गदर्शन और पुलिस महानिरीक्षक रेलवे एन. कोलांची के निर्देशन में यात्री सुरक्षा और गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में स्टेशन परिसर में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी।
पुलिस टीम द्वारा प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया और यात्री प्रतीक्षालय सहित स्टेशन के विभिन्न स्थानों पर निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान सर्कुलेटिंग एरिया में एक बालक अकेले और घबराया हुआ घूमता दिखाई दिया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने उसे रोका और पूछताछ की। बालक काफी डरा-सहमा हुआ था और इधर-उधर भटक रहा था।

मुख्य आरक्षी विपिन यादव ने तत्काल बालक को अपने संरक्षण में लिया और उसे थाने के महिला हेल्प डेस्क पर लाकर बैठाया। वहां उसे पानी पिलाया गया और नाश्ता कराया गया, ताकि वह सहज महसूस कर सके। कुछ समय बाद जब बालक सामान्य हुआ तो उससे उसका नाम और पता पूछा गया। पूछताछ में बालक ने अपना नाम नीरज (परिवर्तित नाम) और उम्र लगभग 14 वर्ष बताई। उसने बताया कि वह जनपद कानपुर देहात के रंजीतपुर गांव (थाना डेरापुर) का रहने वाला है।
बालक ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिजनों के साथ यात्रा कर रहा था, लेकिन भीड़भाड़ के दौरान वह उनसे बिछड़ गया और रास्ता भटककर स्टेशन के बाहर आ गया। परिवार से संपर्क न हो पाने के कारण वह काफी घबरा गया था।
पुलिस ने बालक द्वारा दिए गए पते और जानकारी के आधार पर तुरंत उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। काफी प्रयासों के बाद बालक के भाई विकास और अन्य परिजनों से संपर्क स्थापित हुआ। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल जीआरपी थाने पहुंच गए।
थाना कार्यालय में जब परिजनों की मुलाकात अपने लाड़ले से हुई तो भावुक माहौल बन गया। परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता न होती तो बच्चे को ढूंढ पाना मुश्किल हो सकता था।
जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत रेलवे स्टेशनों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि भटके या बिछड़े बच्चों और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
इस सराहनीय कार्य में जीआरपी की पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल शिव सिंह, वैश खान, रमेश सोनकर, हरिपाल यादव तथा महिला हेड कांस्टेबल विपिन यादव शामिल रहे। पुलिस की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी प्रशंसा की है।

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