कानपुर नगर। कमिश्नरेट कानपुर नगर की नजीराबाद थाना व सेंट्रल साइबर टीम ने फर्जी दस्तावेजों पर लोन दिलाने के नाम पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में 38 बोगस कंपनियों के माध्यम से करीब ₹250 करोड़ के लेन-देन का खुलासा हुआ है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
जांच के दौरान एक गरीब रिक्शा चालक के नाम पर फर्जी रूप से पंजीकृत “पार्वती एंटरप्राइज” सामने आई, जिसके खाते में मौजूद ₹1.50 करोड़ की राशि फ्रीज कराई गई है। आरोपियों ने पीड़ितों के पैन, आधार व अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्में खड़ी कीं, जीएसटी पंजीकरण कराया और एचडीएफसी बैंक में खाते खुलवाए।
प्रकरण में जीएसटी विभाग व संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी सहित सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है।
फर्जी लोन के नाम पर जीएसटी घोटाले का खुलासा, ₹1.50 करोड़ फ्रीज