कानपुर। ग्राम सचेंडी (ब्लॉक कल्याणपुर) की ग्राम पंचायत से निर्मित दुकानों के आवंटन और राजस्व प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार द्वारा कराई गई जांच में ग्राम निधि पर 10,31,800 रुपये की राजस्व देनदारी पाई गई।
जांच के आधार पर ग्राम प्रधान उर्मिला देवी तथा तत्कालीन सचिव राकेश झा, शैली राठौर और सुशील वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में क्या-क्या मिला
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित 23 दुकानों के आवंटन में निर्धारित शर्तों का समुचित पालन नहीं हुआ। कई दुकानों पर मूल आवंटी के स्थान पर अन्य लोग संचालन करते पाए गए। किराया नियमित रूप से पंचायत खाते में जमा नहीं कराया गया और किराया वसूली व बैंक जमा अभिलेखों में अंतर दर्ज मिला। कुछ दुकानों का किराया अभिलेखों में शून्य दर्शाया गया, जबकि मौके पर दुकानें संचालित थीं। समयानुसार किराया दरों का पुनरीक्षण नहीं किया गया और आवंटन पत्र व अनुबंध संबंधी अभिलेख भी अव्यवस्थित पाए गए।
इसके अलावा लगभग 500 वर्गमीटर में निर्मित पंचायत उद्योग भवन को आय-सृजन के उद्देश्य से उपयोग में नहीं लाया गया। पंचायत की आय बढ़ाने के लिए अपेक्षित सक्रिय प्रयास न होने से ग्राम निधि पर भारी देनदारी बनी।
15 दिन में जवाब, नहीं तो कार्रवाई
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर वित्तीय दायित्व निर्धारण व विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बकाया राजस्व की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और ग्राम निधि को नुकसान पहुंचाने वालों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।