कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर की सबसे गंभीर और पुरानी समस्या यातायात जाम से जनता को राहत दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-91 (NH-91) पर रामदेवी से गोल चौराहा तक लगभग 10 किलोमीटर लंबे 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 988.30 करोड़ रुपये तय की गई है।
यह बड़ी सफलता कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी के अथक प्रयासों और निरंतर फॉलो-अप का परिणाम मानी जा रही है। सांसद ने कानपुर की भौगोलिक स्थिति, बढ़ते यातायात दबाव और आम जनता की परेशानियों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस परियोजना की आवश्यकता को विस्तार से रखा था। इसके बाद पत्राचार और तकनीकी स्तर पर लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई लगभग 10.160 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण से शहर के हृदय स्थल में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ी समस्या मानी जाने वाली 16 रेलवे क्रॉसिंग इस मार्ग पर पड़ती हैं, जहां अक्सर घंटों जाम लगा रहता है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद वाहन ऊपर से निर्बाध गुजर सकेंगे, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी।
एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से शहर में सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। घनी आबादी वाले इलाकों में सड़क हादसों की संख्या में कमी आने की संभावना है और यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक होगी। इसके साथ ही व्यापार, उद्योग और आपातकालीन सेवाओं को भी तेज और सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।
इस परियोजना को स्वीकृति मिलने पर सांसद रमेश अवस्थी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कानपुर के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उनका लक्ष्य कानपुर को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है और यह एलिवेटेड कॉरिडोर उसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
शहरवासियों और व्यापारियों में इस घोषणा के बाद खुशी की लहर है। लोगों को उम्मीद है कि इस परियोजना के पूरा होने से कानपुर को जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और शहर विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।