मैच के दौरान मधुमक्खियों के हमले में अंपायर की दर्दनाक मौत, बेटी ने निभाया अंतिम संस्कार
कानपुर। शुक्लागंज के राहुल सप्रू मैदान में केसीए की प्रथम सुनील तिवारी स्मारक अंडर-13 क्रिकेट लीग के दौरान एक दुखद घटना हुई। 65 वर्षीय अनुभवी क्रिकेट अंपायर मनिक गुप्ता पर अचानक मधुमक्खियों का झुंड टूट पड़ा। लंबे समय तक मैदानों पर अंपायरिंग करते आए मनिक दौड़ने में असमर्थ रहे और गिर गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार दोपहर को हुई। मैच समाप्त होने के बाद मनिक गुप्ता बी मैदान पर आराम करने के लिए बैठ गए थे। कुछ ही देर में मधुमक्खियों का झुंड उन पर हमला बोल दिया। लगभग पचास से अधिक मधुमक्खियों ने उन पर हमला किया और करीब दस मिनट तक उन्हें नहीं छोड़ा। आसपास मौजूद खिलाड़ियों और स्कोरर भी काटे गए। इस बीच पूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू ने उन्हें कार से शुक्लागंज के दो-तीन अस्पतालों में ले जाने की कोशिश की, लेकिन सभी ने भर्ती करने से मना कर दिया। केसीए के पदाधिकारी हेलट लाए, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
मनिक गुप्ता फीलखाना के निवासी थे और पिछले 30 वर्षों से केसीए के अंपायरिंग पैनल में सक्रिय रहे। उन्होंने कई युवा क्रिकेटरों के मैचों का संचालन किया और उन्हें खेल के नियमों और अनुशासन की समझ भी दी। उनके निधन से स्थानीय क्रिकेट समुदाय में शोक की लहर है।
मनिक गुप्ता की चार बेटियां हैं। बड़ी बेटियों प्रियंका, दीपिका और स्वेता की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी समृद्धि, जो इंटरमीडिएट में पढ़ रही हैं, ने पिता का अंतिम संस्कार गुरुवार को भागवत दास घाट पर परिवार की ओर से निभाया। परिवार में कोई लड़का नहीं होने की वजह से सबसे छोटी बेटी ने ही पिता के अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी की।
परिवार और स्थानीय लोगों ने बताया कि मनिक गुप्ता का व्यक्तित्व मिलनसार और विनम्र था। वे हमेशा युवाओं को खेल और जीवन में अनुशासन के महत्व के बारे में समझाते रहते थे। उनकी अचानक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए मैदानों में मधुमक्खियों और अन्य जंगली जीवों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी जाएगी। इस दुखद घटना ने खेल आयोजकों और खिलाड़ियों को भी सतर्क रहने की सीख दी है।