कानपुर। उपायकु्ट उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने 9-10 करोड़ रुपये के सब्सिडी घोटाले के मामले में सख्ती दिखाई है। मामला कानपुर देहात की इकाइयों में हुई “एक जिला एक उत्पाद” योजना से जुड़ा है। विधायक अरुण पाठक ने विधान परिषद में घोटाले का मुद्दा उठाते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को सरकार की ओर से आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि अब बैंक और उद्योग विभाग के संयुक्त भौतिक सत्यापन के बाद ही सब्सिडी जारी की जाएगी। बैंक ऑफ इंडिया की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दादानगर समेत अन्य शाखाओं के खातों से करोड़ों रुपए की सब्सिडी का गबन हुआ। इसमें बैंक अधिकारियों के साथ कुछ उद्योग इकाइयां भी शामिल पाई गई हैं।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना संयुक्त सर्वे और भौतिक सत्यापन के किसी इकाई को सब्सिडी नहीं दी जाएगी। मामला तूल पकड़ चुका है और घोटाले में शामिल कई अधिकारी और कर्मचारी निश्चित रूप से जांच और कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
10 करोड़ सब्सिडी घोटाला: उपायुक्त ने दिखाई सख्ती