फर्जी डिग्री गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत किदवई नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच कानपुर ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संगठित गिरोह के सरगना समेत कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से उत्तर प्रदेश बोर्ड और देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की सैकड़ों नकली मार्कशीट, डिग्रियां और प्रमाण पत्र बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह “शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन” के नाम से एक फर्जी कार्यालय संचालित कर रहा था, जहां बिना परीक्षा दिलाए हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, एलएलबी, फार्मेसी समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां बेची जा रही थीं। गिरोह खासतौर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर रहा था, जिन पर डिप्टी रजिस्ट्रार (परीक्षा) की नकली मुहर तक लगाई जाती थी।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध मुक्त अभियान के तहत किदवई नगर पुलिस क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि गौशाला चौराहे के पास स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के कार्यालय में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने प्रथम तल पर स्थित कार्यालय में दबिश दी, जहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, मुहरें और प्रिंटिंग से जुड़ा सामान बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे अब तक लगभग 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर चुके हैं। इसके अलावा कई राज्यों के विश्वविद्यालयों की नकली डिग्रियां और मार्कशीट तैयार कर उन्हें मोटी रकम लेकर बेचा जाता था। इस गिरोह का नेटवर्क केवल कानपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में गिरोह का मास्टरमाइंड शैलेन्द्र कुमार बताया गया है, जबकि नागेन्द्र मणि त्रिपाठी, जोगेन्द्र और अश्वनी कुमार सिंह बिचौलिये और तकनीकी कार्य संभालते थे। पुलिस ने मौके से यूपी बोर्ड, मंगलायतन विश्वविद्यालय (अलीगढ़), स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय (मेरठ), सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, हिमालयन यूनिवर्सिटी (ईटानगर) और जामिया उर्दू (अलीगढ़) समेत करीब 15 विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन बुकलेट और रसीद बुक बरामद की हैं।
जांच के दौरान पुलिस को उन लोगों की सूची भी हाथ लगी है, जिन्होंने इस गिरोह से फर्जी डिग्रियां हासिल की थीं। विशेष रूप से एलएलबी की फर्जी डिग्री लेने वालों में नौशाद, सुजान, संदीप मिश्रा, रत्ना शुक्ला और विशाल पाल सहित करीब 10 नाम सामने आए हैं। पुलिस अब इन तथाकथित ‘डिग्री धारकों’ के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार राम, उपनिरीक्षक अजीत सिंह, उपनिरीक्षक अंकुश चौधरी और क्राइम ब्रांच की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य फरार अभियुक्तों — रवि, विनीत, शुभम, मयंक और शेखु — की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है और भविष्य में भी ऐसे फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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