कानपुर। महानगर की भागदौड़ भरी जिंदगी में रोजमर्रा की जल्दबाजी के बीच अक्सर लोगों का कीमती सामान कहीं न कहीं छूट जाता है और फिर वह कभी वापस नहीं मिलता। लेकिन इस बार कानपुर कमिश्नरेट की स्वरूप नगर पुलिस ने अपनी मुस्तैदी और आधुनिक तकनीक के सहारे एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसने आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत कर दिया। महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने ऑटो में छूटी लगभग ₹1.50 लाख कीमत की इलेक्ट्रॉनिक मशीन को सुरक्षित बरामद कर पीड़ित को सौंप दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेठी जनपद के अमोली गोरीगंज निवासी आदित्य नाथ दुबे कानपुर आए हुए थे। वह कानपुर सेंट्रल स्टेशन से ऑटो लेकर रावतपुर मेट्रो स्टेशन की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान जल्दबाजी में ऑटो से उतरते समय वह अपनी अत्यंत कीमती इलेक्ट्रॉनिक मशीन, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है, ऑटो में ही भूल गए। कुछ ही देर बाद जब उन्हें इस बात का अहसास हुआ तो वह घबरा गए, क्योंकि मशीन उनके काम से जुड़ी हुई थी और उसका खो जाना उनके लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता था।
घबराए आदित्य नाथ दुबे ने तुरंत स्वरूप नगर थाने में पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और मशीन को जल्द से जल्द बरामद करने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने जांच में देरी किए बिना आधुनिक तकनीक और शहर में लगे निगरानी कैमरों का सहारा लिया।
टीम ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत कानपुर सेंट्रल से रावतपुर तक के पूरे मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। हैलट चौकी प्रभारी अजय कश्यप और उप निरीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने लगातार फुटेज खंगालते हुए संदिग्ध ऑटो की पहचान की। कड़ी मशक्कत और तकनीकी विश्लेषण के बाद ऑटो का नंबर ट्रेस कर लिया गया और उसके चालक तक पुलिस पहुंचने में सफल रही।लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इलेक्ट्रॉनिक मशीन को सकुशल बरामद कर लिया। मशीन सुरक्षित मिलने पर पीड़ित आदित्य नाथ दुबे के चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने स्वरूप नगर पुलिस और कानपुर कमिश्नरेट की खुलकर सराहना करते हुए कहा, “मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी और इतनी आसानी से मेरा कीमती सामान वापस मिल जाएगा। पुलिस की तत्परता और मेहनत वाकई काबिले तारीफ है।”इस सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी अजय कश्यप, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार और राहुल कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में समय पर सूचना मिलने और तकनीक के सही उपयोग से परिणाम सकारात्मक निकलते हैं।स्वरूप नगर पुलिस की इस कार्यवाही से न सिर्फ पीड़ित को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में यह संदेश भी गया है कि अगर समय रहते पुलिस से संपर्क किया जाए तो खोया हुआ कीमती सामान भी वापस मिल सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों और वाहनों में अपने सामान के प्रति सतर्क रहें और किसी भी घटना की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।
ऑटो में छूटी डेढ़ लाख की मशीन 48 घंटे में बरामद, स्वरूप नगर पुलिस की तत्परता से लौटी पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान