विदेशी नागरिकों को ठगने वाले हाई-टेक साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 1.30 करोड़ रुपये की ठगी राशि फ्रीज

कानपुर। शहर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत कानपुर कमिश्नरेट की पनकी पुलिस और साइबर सेल पश्चिम जोन की संयुक्त टीम ने एक बड़े और संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर हाई-टेक तरीकों से ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके खातों में जमा करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की ठगी की रकम को फ्रीज करा दिया है।
पुलिस के अनुसार यह सफलता पुलिस आयुक्त के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिली। पनकी थाना क्षेत्र में मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अपस्ट्रॉन स्टेट क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान अमित ओम प्रकाश शर्मा (उम्र 46 वर्ष), निवासी झांसी और आकाश कुमार (उम्र 30 वर्ष), निवासी मछरिया, नौबस्ता, कानपुर के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त विदेशी नागरिकों को तकनीकी जाल में फंसाकर फर्जी कॉल, ई-मेल और अन्य डिजिटल माध्यमों से धोखाधड़ी करते थे। ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर उसे आगे निकालने की योजना बनाई जाती थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों द्वारा संचालित कई संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की और उनमें मौजूद 1.30 करोड़ रुपये की राशि को तुरंत फ्रीज करा दिया, ताकि ठगी की रकम का दुरुपयोग न हो सके।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को अभियुक्तों के पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाला पूरा ‘टूलकिट’ बरामद हुआ। इसमें ₹20,150 नगद, एक टाटा हैरियर कार (MH 47 BK 4078), 01 लैपटॉप, 04 मोबाइल फोन, 13 चेकबुक, 08 पासबुक, 09 एटीएम कार्ड, कई आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस तथा विभिन्न बैंक खातों से जुड़े रबर स्टाम्प शामिल हैं। बरामद दस्तावेजों और उपकरणों से यह स्पष्ट हुआ है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध थाना पनकी में अपराध संख्या 77/2026 के तहत बीएनएस की सुसंगत धाराओं और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की तलाश की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोग विभिन्न राज्यों में सक्रिय हो सकते हैं।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार भदौरिया ने किया। टीम में उपनिरीक्षक निशांत कुमार, अफरोज अहमद, दुर्गेश शुक्ला तथा साइबर सेल पश्चिम जोन के प्रभारी उपनिरीक्षक शुभम यादव अपनी टीम के साथ सक्रिय रूप से शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। विदेशी नागरिक के साथ हुई इस धोखाधड़ी के मामले में पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और करोड़ों रुपये की राशि समय रहते फ्रीज कराने की इस कार्रवाई की आम जनता द्वारा व्यापक सराहना की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा और आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ई-मेल से सतर्क रहें तथा तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें।

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