कानपुर। सुरक्षित बैंकिंग, जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को चौबेपुर स्थित बड़ौदा रोजगार विकास संस्थान में वित्तीय साक्षरता सप्ताह का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तत्वावधान में अग्रणी जिला बैंक कार्यालय द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें क्रिसिल फाउंडेशन (सीएफएल चौबेपुर) और बैंक ऑफ बड़ौदा की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सहायक अग्रणी जिला प्रबंधक सृष्टिका तिवारी ने कहा कि बदलते डिजिटल युग में वित्तीय साक्षरता अब आवश्यकता नहीं बल्कि अनिवार्यता बन चुकी है। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह की थीम “केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम” रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य आम नागरिकों को यह समझाना है कि सही और अद्यतन केवाईसी ही सुरक्षित बैंकिंग की पहली शर्त है।
अपने संबोधन में सृष्टिका तिवारी ने उपस्थित प्रतिभागियों को केवाईसी की आवश्यकता, मनी म्यूल खातों से जुड़े जोखिम, और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंक खाते का दुरुपयोग अक्सर छोटी सी लापरवाही के कारण हो जाता है, जिसका खामियाजा खाता धारक को भुगतना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक ग्राहक को अपने बैंक खाते से जुड़े लेन-देन पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना बैंक या संबंधित एजेंसी को देनी चाहिए।
कार्यक्रम में क्रिसिल फाउंडेशन के प्रतिनिधि हेमंत ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बचत की आदत, ऋण, बीमा और साइबर सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारियां देकर आर्थिक रूप से सशक्त और जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि वित्तीय जागरूकता से न केवल व्यक्ति का भविष्य सुरक्षित होता है, बल्कि समाज में जिम्मेदार और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार की मजबूत नींव भी तैयार होती है।इस अवसर पर बड़ौदा रोजगार विकास संस्थान और क्रिसिल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने सप्ताह भर आयोजित होने वाली गतिविधियों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। बताया गया कि इस दौरान विभिन्न जागरूकता सत्र, संवाद कार्यक्रम और प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से लोगों को अपने बैंक खातों का केवाईसी अद्यतन रखने, डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने और साइबर ठगी से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम में बैंक अधिकारी, विभिन्न संस्थानों के कर्मचारी, प्रशिक्षणार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने वित्तीय साक्षरता सप्ताह को आम जनमानस तक पहुंचाने और सुरक्षित बैंकिंग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।