वोट कटौती को लेकर सपा का ज्ञापन

:कानपुर। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोमवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया। पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के दबाव में निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। सपा नेताओं का कहना है कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत विपक्ष समर्थक मतदाताओं, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, जो लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा हमला है।प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे पूर्व सांसद राजा रामपाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्वाचन कार्य में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम जबरन ‘फॉर्म-7’ भरवाकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। सपा नेताओं के अनुसार, इस प्रक्रिया में सबसे अधिक निशाना अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को बनाया जा रहा है, जिससे उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान भी व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां की जा रही हैं। सपा का आरोप है कि खासतौर पर महिलाओं को नए वोट बनवाने के दौरान अनावश्यक तकनीकी आपत्तियों और अतिरिक्त कागजी औपचारिकताओं के नाम पर परेशान किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग के स्पष्ट नियमों के बावजूद आवेदकों को बार-बार लौटाया जा रहा है।
सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार मतदाता बनने के लिए 18 वर्ष की आयु पूरी होना आवश्यक है, और पहचान के लिए साक्षी द्वारा घोषणा-पत्र में बूथ नंबर, पोलिंग स्टेशन और विधानसभा का नाम दर्ज होना पर्याप्त माना जाता है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त साक्ष्य मांगे जाना नियमों के विरुद्ध है और यह मतदाता पंजीकरण को हतोत्साहित करने का प्रयास है।पूर्व सांसद राजा रामपाल ने कड़े शब्दों में कहा,“समाजवादी पार्टी की यह स्पष्ट मांग है कि जिला प्रशासन सभी बीएलओ को सख्त निर्देश दे कि वे किसी भी बाहरी या राजनीतिक दबाव में न आएं। किसी भी वैध मतदाता का नाम काटना अपराध है। हम चाहते हैं कि सभी शिकायतों की तत्काल जांच कराई जाए और पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।”सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची से नाम काटने का यह “मनमाना खेल” बंद नहीं हुआ, तो पार्टी मजबूरन सड़कों पर उतरकर व्यापक जन आंदोलन करेगी। उनका कहना है कि लोकतंत्र को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को समाजवादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।वहीं, जिला मजिस्ट्रेट ने सपा प्रतिनिधि मंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। डीएम ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की नियमानुसार समीक्षा कराई जाएगी और किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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