कानपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में कानपुर को बेहतर रैंकिंग दिलाने के उद्देश्य से नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पिछले वर्षों की कमियों की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बीते स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रदर्शन का गहन विश्लेषण करना रहा। नगर आयुक्त ने संकेतकवार उन बिंदुओं पर चर्चा की, जिनमें शहर को अपेक्षा से कम अंक प्राप्त हुए थे, और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में तत्काल सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर अमल शुरू किया जाए। शहर को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए नगर आयुक्त ने “टोकोगे तो रोकोगे” अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस अभियान के तहत जन-जागरूकता फैलाकर लोगों को खुले में कूड़ा फेंकने से रोका जाएगा। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा सोर्स सेग्रीगेशन यानी घर से ही कूड़े को अलग-अलग करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। नगर आयुक्त ने शहर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें उपयोग के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा शहर में खुले में पेशाब की समस्या से निपटने के लिए येलो स्पॉट को समाप्त करने पर भी जोर दिया गया और स्मार्ट सिटी द्वारा बनाए गए मूत्रालयों को तत्काल क्रियाशील करने के निर्देश जारी किए गए। कार्यशाला के दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित सिंह गौर ने स्वच्छ सर्वेक्षण के विभिन्न संकेतकों पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त (प्रथम) आवेश खान, अपर नगर आयुक्त (द्वितीय) जगदीश यादव, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनमोहन आर्या, एसबीएम एडवाइजरी टीम के विशेषज्ञ प्रतीक मिश्रा सहित सभी जोनल अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम सख्त