कानपुर।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, बिठूर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (जच्चा-बच्चा अस्पताल) में सर्वाइकल कैंसर से बचाव एवं जागरूकता के उद्देश्य से एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने की। गोष्ठी में नर्सिंग सिस्टर्स एवं स्टाफ कर्मचारियों को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच और टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिस्टर्स ने अपनी सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कराई तथा अपनी बेटियों के लिए एचपीवी वैक्सीन हेतु पंजीकरण भी कराया। विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव में एचपीवी वैक्सीन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 9 से 14 वर्ष की लड़कियों को यह टीका 6 माह के अंतराल पर दो डोज में दिया जाता है, जबकि 15 से 26 वर्ष की अविवाहित युवतियों को तीन डोज लगाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में लगभग 90 प्रतिशत तक प्रभावी है।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ. नीना गुप्ता ने कहा कि 25 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को नियमित रूप से बच्चेदानी के मुहाने की जांच (पैप स्मीयर) करानी चाहिए। यह जांच हर तीन वर्ष में कराई जानी चाहिए और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा अत्यंत न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बीते साढ़े तीन वर्षों में लगभग 10 हजार महिलाएं इस जांच का लाभ उठा चुकी हैं, जिनमें कई मामलों में कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने से सफल उपचार संभव हो सका।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं वाइस प्रिंसिपल डॉ. रिचा गिरी ने सभी स्टाफ को स्वयं की सर्वाइकल स्क्रीनिंग कराने और अपने बच्चों के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन अवश्य कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. उरूज जहां, डॉ. रश्मि यादव एवं डॉ. दिव्या गुप्ता द्वारा किया गया। गोष्ठी में विभागाध्यक्ष (पैथोलॉजी) डॉ. लुबना खान, डॉ. चयनिका काला, डॉ. अनीता गौतम, डॉ. सीमा द्विवेदी सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे। इसके अलावा डॉ. दिव्या द्विवेदी, डॉ. प्रतिमा वर्मा, डॉ. गरिमा गुप्ता, डॉ. रश्मि गुप्ता, डॉ. करिश्मा, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. फातिमा, डॉ. नूर, मैट्रन मीरा देवी, सिस्टर प्रीता रोस्टन एवं अन्य स्टाफ सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम का समापन महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण और सर्वाइकल कैंसर के प्रति निरंतर जागरूकता के संकल्प के साथ किया गया।
सर्वाइकल कैंसर जागरूकता गोष्ठी में जांच व टीकाकरण पर दिया गया जोर