कानपुर।
रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख इकाई ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (GIL) ने अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को वियतनाम से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा निर्यात ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इस ऑर्डर के तहत ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा SU-30 लड़ाकू विमानों के लिए ब्रेक पैराशूट एवं पायलट पैराशूट की आपूर्ति की जाएगी, जो उड़ान के दौरान और लैंडिंग के समय विमानों तथा पायलटों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।
यह निर्यात ऑर्डर न केवल भारतीय रक्षा उत्पादों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि भारत अब कड़े अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता मानकों के अनुरूप मिशन-क्रिटिकल एयरोस्पेस प्रणालियों के डिजाइन, निर्माण और आपूर्ति में सक्षम हो चुका है। SU-30 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में उपयोग होने वाले पैराशूट सिस्टम अत्यधिक तकनीकी, संवेदनशील और उच्च गुणवत्ता मानकों पर आधारित होते हैं, जिनका निर्माण केवल चुनिंदा और भरोसेमंद संस्थानों द्वारा ही किया जाता है।
ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा पूरी तरह स्वदेशी सामग्री और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर तैयार किए गए ये पैराशूट देश के कुशल और प्रशिक्षित कार्यबल की क्षमता को भी दर्शाते हैं। यह उपलब्धि GIL को एक ऐसी विशेष एयरोस्पेस विनिर्माण इकाई के रूप में स्थापित करती है, जिसकी वैश्विक पहुंच लगातार बढ़ रही है और जिस पर अंतरराष्ट्रीय साझेदार भरोसा जता रहे हैं।
यह निर्यात भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसी महत्वाकांक्षी पहलों के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भागीदारी को मजबूत करना है। इस सौदे से न केवल भारत की रक्षा निर्यात आय में वृद्धि होगी, बल्कि आने वाले समय में अन्य देशों के साथ नए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी के द्वार भी खुलेंगे।
ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम.सी. बालासुब्रमण्यम ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन राष्ट्र की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि GIL भविष्य में भी उच्च गुणवत्ता वाले रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादों के माध्यम से भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। यह सफलता वैश्विक रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत की साख, क्षमता और भरोसे को और अधिक सुदृढ़ करती है तथा यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में भारतीय रक्षा उद्योग अंतरराष्ट्रीय मंच पर और भी मजबूत उपस्थिति दर्ज
ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड को वियतनाम से बड़ा रक्षा निर्यात ऑर्डर, SU-30 पैराशूट सिस्टम की होगी आपूर्ति