AICOG सम्मेलन में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्रभावी भागीदारी

कानपुर।
चिकित्सा जगत के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ऑल इंडिया कांग्रेस ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (AICOG)’ में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के संकाय सदस्यों ने उल्लेखनीय और प्रभावशाली सहभागिता दर्ज कराते हुए संस्थान का नाम राष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित किया। यह पांच दिवसीय सम्मेलन 14 से 18 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए महिला रोग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं चिकित्सकों ने भाग लिया।
सम्मेलन के दौरान महिला स्वास्थ्य, प्रसूति एवं स्त्री रोग से जुड़ी नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, आधुनिक सर्जिकल विधियों, क्लिनिकल रिसर्च और उपचार की उन्नत पद्धतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का प्रतिनिधित्व प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की वरिष्ठ एवं अनुभवी टीम द्वारा किया गया।
टीम में प्रमुख रूप से डॉ. रेणु गुप्ता, डॉ. दिव्या द्विवेदी, डॉ. प्रतिमा वर्मा, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. सुचिता त्रिपाठी, डॉ. फातिमा उस्मानी एवं डॉ. करिश्मा शर्मा शामिल रहीं। इन सभी संकाय सदस्यों ने विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों, कार्यशालाओं एवं पैनल चर्चाओं में सक्रिय सहभागिता निभाई और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ अकादमिक संवाद के माध्यम से नवीनतम शोध परिणामों और क्लिनिकल अपडेट्स पर विस्तार से चर्चा की।
नई दिल्ली से लौटने के बाद सम्मेलन में प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों और नवीन चिकित्सा अनुभवों को संस्थान के अन्य चिकित्सकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ‘AICOG Review Seminar’ का आयोजन किया गया। इस समीक्षा सेमिनार में सम्मेलन में सहभागी संकाय सदस्यों ने विभाग के सभी जूनियर डॉक्टरों, रेजिडेंट्स एवं अन्य सहयोगी चिकित्सकों के साथ आधुनिक तकनीकों, नवीन उपचार पद्धतियों तथा महिला स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की।
सेमिनार के दौरान यह भी चर्चा की गई कि किस प्रकार AICOG जैसे राष्ट्रीय मंचों पर प्राप्त ज्ञान को स्थानीय स्तर पर मरीजों के उपचार में प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है, जिससे महिलाओं को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कॉलेज प्रशासन ने संकाय सदस्यों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी चिकित्सकों को बधाई दी। प्रशासन का कहना है कि ऐसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंचों पर सहभागिता से न केवल संस्थान की शैक्षणिक एवं अकादमिक प्रतिष्ठा सुदृढ़ होती है, बल्कि इसका सीधा लाभ मरीजों को उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के रूप में मिलता है।
प्रशासन ने भविष्य में भी संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई है।

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