पत्रकारिता के छात्रों को अपने सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व को समझना होगा : सुधीर कुमार अवस्थी

पत्रकारिता विभाग में छह दिवसीय प्रिंट मीडिया कार्यशाला का हुआ शुभारंभ
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में समाचार लेखन एवं संपादन में व्यावहारिक दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से छह दिवसीय प्रिंट मीडिया कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रिंट मीडिया की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराते हुए उन्हें मीडिया उद्योग के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के गीत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. जितेन्द्र डबराल ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि डॉ. योगेंद्र पांडेय ने विषय प्रवर्तन करते हुए प्रशिक्षण कार्यशालाओं की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं पत्रकारिता के छात्रों के क्षमतावर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें प्रिंट मीडिया की तकनीकी व व्यावहारिक बारीकियों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वामी विवेकानंद ने पूरब से पश्चिम जाकर भारत की सहिष्णुता और सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया, उसी प्रकार पत्रकारिता के छात्रों को भी अपने सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व को समझते हुए कार्य करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विचारों को थोपने के बजाय पत्रकारों को ऐसी भाषा और शैली अपनानी चाहिए जिससे पाठक न केवल विचारों को समझ सके, बल्कि संवाद की शक्ति को भी महसूस कर सके।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जागरण मीडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. उपेंद्र पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला मीडिया इंडस्ट्री के लिए छात्रों को तैयार करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक वैश्विक संचारक थे, जिनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका के शिकागो शहर में एक गली का नामकरण स्वामी विवेकानंद के नाम पर किया गया है, जो उनके व्यक्तित्व और विचारों की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लगभग हर क्षेत्र का रास्ता पत्रकारिता से होकर जाता है, इसलिए इसे अन्य विषयों की तरह प्राथमिकता देना आवश्यक है।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं को प्रिंट मीडिया से संबंधित सैद्धांतिक एवं प्रयोगात्मक पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं दूसरे सत्र में पत्रकारिता क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। वरिष्ठ पत्रकार आशीष त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र वे शिलाएं हैं, जिन्हें सही आकार देकर भविष्य के सक्षम पत्रकार तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी छोटी घटना को व्यापक संदर्भ से जोड़ दिया जाए तो वह बड़ी खबर बन जाती है। एक प्रभावशाली फोटो पूरे इतिहास की दिशा बदल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता में साक्षात्कार से पूर्व होमवर्क अत्यंत आवश्यक होता है।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन सहायक विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर गुप्ता ने किया, जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के समस्त शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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