उन्नाव में दस दिवसीय प्रशिक्षण से 50 युवाओं को मिलेगा कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर
कानपुर/उन्नाव। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी)” को ज़मीनी स्तर पर मजबूती देने की दिशा में उन्नाव जनपद में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, उन्नाव की उपायुक्त उद्योग करूणा राय द्वारा कानपुर उन्नाव लेदर क्लस्टर (केयूएलसी) के तत्वावधान में ओडीओपी लेदर उत्पादों से संबंधित दस दिवसीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम युवाओं को तकनीकी दक्षता, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का सशक्त माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त उद्योग करूणा राय ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ओडीओपी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जनपद की पारंपरिक पहचान और उत्पादों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि उन्नाव जनपद में चर्म उद्योग की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
ओडीओपी से जुड़ेगा स्थानीय हुनर
उपायुक्त उद्योग करूणा राय ने जानकारी दी कि यह दस दिवसीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम ओडीओपी प्रकोष्ठ, लखनऊ द्वारा प्रायोजित है तथा इसका संचालन उन्नाव जनपद की प्रतिष्ठित संस्था कानपुर उन्नाव लेदर क्लस्टर (केयूएलसी) द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने भविष्य को संवारने में करें।
उद्घाटन समारोह में केयूएलसी की ओर से शिशिर अवस्थी एवं उनकी टीम ने उपायुक्त उद्योग का स्वागत किया। शिशिर अवस्थी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 50 प्रशिक्षार्थियों को शामिल किया गया है, जिन्हें 25-25 के दो बैचों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बैग, बेल्ट, पर्स, फुटवियर अपर सहित विभिन्न चर्म उत्पादों के निर्माण की सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली ओडीओपी टूलकिट के माध्यम से प्रशिक्षार्थी स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वरोजगार की दिशा में मार्गदर्शन
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्तिक इंटरनेशनल के निदेशक कपिल शुक्ला ने प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला उद्योग केंद्र, बैंकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की सहायता से किस प्रकार लघु उद्योग की स्थापना की जा सकती है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का समय उद्यमिता का है और प्रशिक्षण के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
वहीं स्वास्तिक इंटरनेशनल के मार्केटिंग मैनेजर शोएब अंसारी ने लेदर उत्पाद निर्माण से पूर्व मार्केट सर्वे, बाजार की मांग, उपभोक्ता की आवश्यकता, प्रतिस्पर्धा और उत्पाद की ब्रांडिंग जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के साथ-साथ सही मार्केटिंग रणनीति अपनाकर ही बाजार में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
गुणवत्ता और अनुशासन पर ज़ोर
केयूएलसी के मुख्य कार्यकारी निदेशक इमरान सिद्दीकी ने गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए सभी प्रशिक्षार्थियों से प्रतिदिन नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्नाव जनपद में चर्म उद्योग के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं।
स्टडी किट का वितरण
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपायुक्त उद्योग करूणा राय द्वारा सभी 50 प्रशिक्षार्थियों को स्टडी किट का वितरण किया गया। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का सही उपयोग कर वे न केवल अपने लिए, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रमुख रूप से विकास दीक्षित, ऋतिक सिंह, विनीत प्रजापति, अभिषेक तिवारी, विकास मौर्या सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, केयूएलसी की पूरी टीम और बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और कौशल विकास के संकल्प के साथ किया गया।