कानपुर। महिला सिपाही से लूट के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपित ने एनकाउंटर के डर से आखिरकार पुलिस के सामने घुटने टेक दिए। गांधी नगर क्षेत्र में 10 दिन पहले हुई लूट की घटना में वांछित शयान रजा उर्फ शयान मिर्जा ने बुधवार को सीसामऊ थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने उसे सबक सिखाने के अंदाज में करीब एक किलोमीटर तक मुहल्ले में कान पकड़कर जुलूस निकलवाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में दिख रहा है कि एक दारोगा आरोपी से पूछता है—“अब दोबारा गलती करेगा?” इस पर कान पकड़े खड़ा लुटेरा हाथ जोड़ते हुए कहता है—“साहब! अब ऐसा नहीं करूंगा, यहां दिखूंगा ही नहीं।” जब दारोगा ने पूछा कि कानपुर छोड़ देगा, कहां जाएगा? तो आरोपी बोला—“मुंबई भाग जाएंगे।” इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दरअसल, यह मामला 28 दिसंबर की सुबह का है। चमनगंज थाने पर बने आवास में रहने वाली महिला सिपाही पिंकी पाल, जो महिला थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात हैं, सुबह करीब सात बजे ड्यूटी के बाद अपने आवास लौट रही थीं। पीरोड पर ऑटो से उतरकर जैसे ही वह पैदल गांधी नगर की ओर बढ़ीं, तभी स्कूटर सवार दो युवकों ने उनका पर्स लूट लिया और फरार हो गए। पर्स में करीब 10 हजार रुपये नकद, एक ब्लूटूथ डिवाइस और जरूरी दस्तावेज मौजूद थे।
घटना के बाद सीसामऊ थाना पुलिस सक्रिय हुई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को एक आरोपित कंघी मोहाल निवासी मारूफ को प्रेम नगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। वहीं, दूसरा आरोपित बजरिया के बेकनगंज निवासी शयान रजा उर्फ शयान मिर्जा पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
शयान ने पुलिस को बताया कि उसे यह खबर मिली थी कि पुलिस उसका एनकाउंटर करने की योजना बना रही है। इसी डर के चलते वह अपने दोस्त और स्वजनों के साथ फतेहपुर से कानपुर आया और सीसामऊ थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शयान और मारूफ दोनों ने मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पूछताछ में आरोपितों ने कबूल किया कि 27 दिसंबर की रात दोनों ने शराब पी थी। जब उनके पास पैसे खत्म हो गए तो उन्होंने लूट की योजना बनाई और सुबह महिला सिपाही को निशाना बना लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। घटना के बाद पुलिस की सख्ती और त्वरित कार्रवाई से साफ है कि शहर में अपराधियों के लिए अब बचने की कोई जगह नहीं है। वहीं, जुलूस का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एनकाउंटर के डर से लुटेरे का सरेंडर, पुलिस ने कान पकड़वा कर निकाला जुलूस