इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिजनों का हंगामा, पुलिस जांच में जुटी
कानपुर। जाजमऊ क्षेत्र में संचालित टेनरी उद्योगों में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी एक बार फिर एक मजदूर की जान ले बैठी। संजय नगर स्थित हुमेरा टेनरी में काम के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 37 वर्षीय मजदूर शिव कुमार की मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि टेनरी प्रबंधन ने इस गंभीर घटना को लगभग एक सप्ताह तक दबाए रखा और मजदूर की मौत के बाद मामला सार्वजनिक हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराजपुर के विजय नगर निवासी शिव कुमार हुमेरा टेनरी में मजदूरी करता था। बीते बुधवार को वह चमड़े के ढोल (ड्रम) में काम कर रहा था, तभी अचानक जहरीली गैस का रिसाव हो गया। गैस की चपेट में आते ही शिव कुमार की हालत बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। आसपास मौजूद अन्य मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि टेनरी में न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे और न ही गैस रिसाव से निपटने की कोई समुचित व्यवस्था। घटना के बाद टेनरी प्रबंधन ने बिना किसी को सूचना दिए आनन-फानन में शिव कुमार को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी रही। इस दौरान प्रबंधन द्वारा न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही श्रम विभाग या अन्य संबंधित अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया।
गुरुवार को इलाज के दौरान शिव कुमार ने दम तोड़ दिया। मजदूर की मौत के बाद जब यह सूचना उसके परिजनों तक पहुंची तो उनमें भारी आक्रोश फैल गया। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी साधना और चार छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है।
मृतक के ससुर शिवभक्त ने टेनरी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर उचित इलाज और घटना की जानकारी दी जाती तो शायद शिव कुमार की जान बच सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टेनरी संचालक की लापरवाही और घटना को छिपाने की कोशिश के कारण यह हादसा जानलेवा साबित हुआ।
मजदूर की मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने टेनरी संचालक रिजवान के डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास का घेराव कर लिया और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। मौके पर हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल पहुंचा और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गैस की चपेट में आने से मौत की बात सामने आ रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और मामले की गहन जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जाजमऊ क्षेत्र की टेनरियों में इससे पहले भी जहरीली गैस, केमिकल और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता निभा दी जाती है। इस घटना ने एक बार फिर टेनरी उद्योग में मजदूरों की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टेनरी में जहरीली गैस से मजदूर की मौत, एक हफ्ते तक दबाया गया मामला