कानपुर।
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र स्थित आदर्श नगर इलाके में सिंचाई विभाग से रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर (जेई) विजय कुमार घोष (62) का शव बंद कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव बेड पर पड़ा हुआ था और काफी हद तक विघटित (सड़ा-गला) अवस्था में मिला, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की गहन जांच की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय कुमार घोष मूल रूप से आर्यनगर के रहने वाले थे और सिंचाई विभाग में जेई के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद वह जाजमऊ के आदर्श नगर क्षेत्र में अकेले रहने लगे थे। उनके परिवार में पत्नी पूर्णिमा अधिकारी, जो कि आयकर विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हैं, तथा दो बेटियां रुद्राणी (24) और ब्राह्मणी (20) हैं। पत्नी पूर्णिमा अधिकारी वर्ष 2023 में रिटायर होने के बाद दोनों बेटियों के साथ बनारस स्थित अपने मायके में रहने लगी थीं, जबकि विजय घोष कानपुर में ही रह रहे थे।
मृतक के बड़े भाई रमाकांत घोष ने बताया कि नए साल की शुभकामनाएं देने के लिए उन्होंने विजय को फोन किया था, लेकिन मोबाइल नंबर बंद आ रहा था। इसके बाद कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। इसी बीच छोटी बहन कल्पना घोष को भी भाई से संपर्क न होने पर शंका हुई। कल्पना घोष, जो जाजमऊ के जेके कॉलोनी की निवासी हैं, ने बताया कि वह हर 10 से 15 दिन में भाई के घर जाकर उनका हालचाल लेती थीं। 25 दिसंबर के बाद से ही विजय का फोन बंद आ रहा था और घर के बाहर अक्सर ताला लटका दिखाई देता था, जिससे परिवार को लगता था कि वह कहीं बाहर घूमने गए होंगे।
गुरुवार दोपहर लगभग 3 बजे जब कल्पना घोष अपने भाई के घर पहुंचीं तो बाहर खड़े होने पर घर के अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर जब अंदर दाखिल हुई तो कमरे में बेड पर विजय कुमार घोष का शव पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर स्पष्ट था कि मृत्यु कई दिन पूर्व हो चुकी थी। सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। प्रारंभिक जांच में किसी तरह के संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जाजमऊ थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में फोरेंसिक जांच कराई गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। परिजनों से तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध मौत मानकर जांच में जुटी हुई है। इस घटना के बाद से इलाके में चर्चा का माहौल है और पड़ोसी भी स्तब्ध हैं। अकेले रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा और नियमित संपर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिटायर्ड जेई का शव बंद कमरे में मिला, इलाके में मचा हड़कंप