वैज्ञानिक खेती से मूल्य संवर्धन तक पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कानपुर नगर। चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के प्रसार निदेशालय स्थित लाल बहादुर शास्त्री सभागार में “श्री अन्न (मिलेट्स): वैज्ञानिक खेती से मूल्य वर्धन तक” विषय पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन निदेशक शोध डॉ. आर.के. यादव के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक शोध डॉ. आर.के. यादव ने कहा कि मोटे अनाज (श्री अन्न) गेहूं और चावल की तुलना में न केवल सस्ते हैं, बल्कि इनमें उच्च प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, आयरन, कैल्शियम एवं मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे ये पोषण की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी आहार हैं।
मुख्य अतिथि रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के निदेशक शोध डॉ. एस.के. चतुर्वेदी ने ग्रामीण स्तर पर कुपोषण को कम करने एवं पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए मिलेट्स तथा स्थानीय उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मिलेट्स की प्रसंस्करण तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी, जिससे इनका मूल्य संवर्धन संभव हो सके।
विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. परमेंद्र सिंह ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत के प्रस्ताव पर वर्ष 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष’ के रूप में मनाने की स्वीकृति दी गई थी। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों के सेवन से मधुमेह, मोटापा जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है।
वहीं डॉ. विजय रत्ना तोमर ने आर्थिक दृष्टि से मिलेट्स को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों के उत्पादन में कम लागत आती है, जिससे यह किसानों के लिए आय का स्थायी स्रोत बन सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. नौशाद खान, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र डॉ. विजय कुमार यादव, कृषक समिति अध्यक्ष श्री बाबू सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संबोधन आयोजक सचिव डॉ. श्वेता यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में आसपास के जनपदों से आए कृषकों ने सक्रिय भागीदारी की। किसानों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्माण, साफ-सुथरे उपयोगी उपकरणों के प्रयोग, श्री अन्न की वैज्ञानिक खेती, मूल्य संवर्धन तथा उत्पादों के ठंडे, सूखे एवं हवादार स्थान पर संग्रहण जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. महक सिंह, डॉ. एम.जेड. सिद्दीकी, डॉ. लोकेंद्र सिंह, डॉ. वी.के. कनौजिया, डॉ. विनोद प्रकाश, डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह एवं मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने उपस्थित रहकर सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अरविंद कुमार द्वारा किया गया।
श्री अन्न के महत्व एवं उपयोगिता पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का सफल आयोजन